भारी बारिश में हुआ गांव के समीप भूस्खलन, अपने घरों में कैद हुए 32 परिवार–
गोपेश्वरः नंदानगर घाट विकास खंड के ग्राम पंचायत कनोल के फाकी तोक में आवासीय भवन खतरे में हैं। कोई अनहोनी ना हो, इसके लिए गांव के आठ परिवारों ने अपने आवासीय मकान छोड़ दिए हैं और गांव के विद्यालय भवनों में शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र गांव के पुनर्वास और आपदा राहत कार्य की मांग उठाई है। मंगलवार रात को क्षेत्र में भारी बारिश हुई, जिससे गांव के समीप पिछले साल जहां भूस्खलन हुआ था, वहीं भू कटाव शुरू हो गया।
भारी मात्रा में पानी आने से भूस्खलन क्षेत्र में पुल भी बह गया है। गांव का पैदल रास्ता बहने से अब 32 परिवार अपने घरों में ही कैद हो गए हैं। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों की भी हो गई है। रास्ता बहने से बड़गुना और सरमा गांव के करीब 50 बच्चे भी हाईस्कूल कनोल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई चौपट हो जाएगी।
फाकी तोक के ठीक ऊपर पहाड़ी पर साढ़े ग्यारह किलोमीटर लंबी सितेल-छुरागाड-कनोल सड़क बन रही है। पिछले वर्ष सड़क का कॉजवे बंद होने से बरसाती पानी गांव के समीप बहने लगा। रात को भारी बारिश के दौरान यहां भूस्खलन शुरू हो गया। इस बार भी यह भूस्खलन क्षेत्र खतरनाक बना है।
भारी बारिश में मंगलवार को गांव के मेहरबान राम, बलवंत, प्रतापी राम, रमेश राम, गणेशी देवी, आलम राम, मानूली देवी और सुरेंद्र सिंह ने अपने घरों को छोड़कर विद्यालय में शरण ले ली।आंगनबाड़ी भवन को भी खतरा बना है, बच्चे आंगनबाड़ी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बड़गुना, सरमा और प्राणमति गांव के ग्रामीणों की आवाजाही का रास्ता टूटने से आने-जाने की समस्या बढ़ गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सिंह माही, तारा सिंह और प्रताप सिंह ने भूस्खलन क्षेत्र में चैकडेम निर्माण करने, भूस्खलन क्षेत्र में स्टील गार्डर पुल निर्माण और लोद तोक से पेयजल योजना के निर्माण की मांग की है।


