खल्ला गांव की माता अनसूया की रथ डाेली यात्रा देवलधार ज्वाला मंदिर से खल्ला गांव पहुंची, फूल मालाओं से हुआ स्वागत–
गोपेश्वर, 12 अप्रैल 2026: संतानदायिनी माता अनसूया की दिवारा यात्रा अब अंतिम चरण में है। माता के मंदिर में 19 अप्रैल से महायज्ञ का आयोजन होगा। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। इधर, रविवार को माता की रथ डोली ने देवलधार में अपनी बहन ज्वाला माता से विदा लेकर खल्ला गांव के समीप कोट महादेव मंदिर के लिए प्रस्थान किया। यहां भक्तों ने माता की डोली का फूल मालाओं से स्वागत किया।
खल्ला गांव में महायज्ञ आयोजन को लेकर भक्तगणों में उत्साह बना हुआ है। पिछले सात माह से दिवारा भ्रमण के बाद अब माता अनसूया की दिवारा यात्रा समापन की ओर है। रविवार को माता की रथ डोली अपने भक्तों के साथ खल्ला गांव के समीप कोट महादेव मंदिर में पहुंच गई है। इससे पहले माता की डोली ने बालखिला नदी में पवित्र स्नान कर अपने भक्तों को दर्शन दिए।
माता अनसूया की दिवारा यात्रा बीते वर्ष अक्तूबर माह से आयोजित हो रही है। रविवार को देवलधार के ज्वाला माता मंदिर से विदा लेकर माता की डोली ने खल्ला गांव के लिए प्रस्थान किया। रात्रि प्रवास के लिए डोली कोट महादेव मंदिर पहुंची। मंदिर में भक्तों ने माता को अर्घ्य भेंट किया और पूजा-अर्चना की।
पुजारी केशव प्रसाद त्रिपाठी ने माता की विशेष पूजाएं की। उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल से माता के मंदिर में महायज्ञ शुरू हो जाएगा। तब तक माता की डोली गांव में ही भ्रमण करेगी। महायज्ञ में माता की डोली शामिल होगी। यज्ञ आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
इस मौके पर मनवर सिंह, जगत बिष्ट, दिलवर सिंह, चंडी प्रसाद, उमा, चंपा त्रिपाठी, मीना, दीपा, पुष्पा, सरस्वती के साथ ही कई भक्तगण मौजूद रहे। बता दें कि माता की डोली ने खल्ला गांव में हवन कुंड का भ्रमण भी किया। इसके बाद डोली रात्रि विश्राम के लिए कोट महादेव मंदिर में पहुंची। जहां पर कोट यानि सब देवताओं की गोष्ठी चलती है। यहांं पर क्षेत्रपाल, बजरंग बली, शिवजी और ब्रह्मांड की आदि शक्ति बाला त्रिपुरा सुंदरी माता भी विद्यमान हैं। यहां पर पंचायती भोग का अर्घ्य भी लगेगा।


