कलश साहित्यिक संस्था की ओर से आयोजित किया गया कवि सम्मेलन, भाषा के संरक्षण पर दिया जोर–
नंदप्रयाग। अलकनंदा और नंदाकिनी नदियों के पवित्र संगम पर स्थित नंदप्रयाग में आयोजित दो दिवसीय बैसाखी मेला रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हो गया। इस पारंपरिक मेले में क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नगर पंचायत नंदप्रयाग के तत्वावधान में आयोजित इस मेले में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए महिला मंगल दल नंदप्रयाग, भैरणी, सोनला, मंगरोली सहित सात महिलाओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
मेले के दौरान कलश साहित्यिक संस्था के बैनर तले कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष ओम प्रकाश सेमवाल ने की। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से स्थानीय बोली-भाषा के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया।

कवि मुरली दीवान ने अपनी हास्य कविता के जरिए श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। वहीं ओम प्रकाश सेमवाल, संदीप रावत, बृजेश रावत और जगदंबा चमोला ने भी अपनी भावपूर्ण और लोकसंस्कृति से जुड़ी कविताओं का पाठ कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
मेले के समापन अवसर पर महिला मंगल दल की महिलाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का संचालन वेद रयाल और दुर्गा रौतेला ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष पृथ्वी सिंह रौतेला और मेलाधिकारी/नगर पंचायत के ईओ शिखर सिंह ने कहा कि आगामी वर्षों में बैसाखी मेले को और अधिक भव्य रूप दिया जाएगा, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को और मजबूती मिल सके।


