जनवरी 2023 में हुआ था भू-धंसाव, सैकड़ों भवन हो गए थे असुरक्षित, एसडीएम के निर्देश पर ध्वस्तीकरण शुरू–
ज्योतिर्मठ, 29 मई 2026: ज्योतिर्मठ में भू-धंसाव की घटना के तीन साल बाद अब असुरक्षित भवनों के ध्वस्तीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को उपजिला मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर वशिष्ठ के निर्देश पर भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है। भू-धंसाव की घटना के तीन वर्ष बाद प्रशासन द्वारा प्रभावित भवन स्वामियों को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका है। अब बरसात से पहले संभावित खतरे को देखते हुए असुरक्षित भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है।
ग्रामीण निर्माण विभाग की टीम और मजदूरों ने गांधी नगर वार्ड से असुरक्षित भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य शुरू किया। पहले चरण में उन 55 भवनों को तोड़ा जा रहा है, जो आपदा के दौरान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे और असुरक्षित घोषित किए गए थे।
प्रशासन का कहना है कि बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। ध्वस्त किए जा रहे भवनों के मलबे को भी नगर से दूर चिन्हित सुरक्षित डंपिंग जोन में डाला जाएगा, ताकि शहर में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उपजिला मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि नगर के विभिन्न वार्डों में चिन्हित 55 असुरक्षित भवनों को ध्वस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य जर्जर भवनों को भी चिन्हित कर आगे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

