चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद के बैंक प्रतिनिधियों की बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव, रुद्रप्रयाग में अलग होगा बोर्ड का गठन–
गोपेश्वर। रुद्रप्रयाग जिले के लिए अलग जिला सहकारी बैंक गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब तक चमोली जिला सहकारी बैंक के अधीन संचालित हो रहे रुद्रप्रयाग जिले के बैंक और सहकारी समितियां जल्द ही स्वतंत्र बैंक प्रबंधन के तहत कार्य करेंगी। इसके लिए बैंक की विशेष सामान्य निकाय बैठक में प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
मंगलवार को नगर के एक सभागार में प्रशासक एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में विशेष सामान्य निकाय की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद की विभिन्न सहकारी समितियों के सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
बैठक के दौरान रुद्रप्रयाग जिले के सहकारी बैंक प्रबंधन को चमोली से अलग करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से मंजूरी दी।

प्रशासक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि अलग बैंक प्रबंधन बनने से स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। बैंकिंग सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता व्यवस्था भी मजबूत होगी।
चमोली जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि दोनों जिलों के बैंक प्रतिनिधियों की सहमति के बाद यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुआ है। अब इस प्रस्ताव को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही रुद्रप्रयाग जिले के लिए अलग जिला सहकारी बैंक गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में रुद्रप्रयाग जिले की 25 सहकारी समितियां और 8 बैंक शाखाएं चमोली जिला सहकारी बैंक के अधीन संचालित हो रही हैं।
बैठक में सहायक निबंधक बीएस राणा, राज्य युवा कल्याण समिति के सदस्य राकेश भंडारी, बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, सदस्य प्रमोद सेमवाल, विनोद रावत, ताजवर सिंह खत्री, देवेश्वरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

