चमोली में पांच दिवसीय आचार्य वार्षिक अभ्यास वर्ग का शुभारंभ, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जागरण पर दिया जोर–
गोपेश्वर, 16 जुलाई, 2026: नगर पालिका भवन, चमोली में गुरुवार को एकल अभियान अंचल गोपेश्वर (संचपीपलकोटी एवं मंडल) के पांच दिवसीय आचार्य वार्षिक अभ्यास वर्ग का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं दीप मंत्र के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड संभाग सदस्य, अंचल कर्णप्रयाग प्रभारी तथा भाजपा व्यवसाय प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक **अतुलशाह** ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि एकल अभियान केवल शिक्षा का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कारित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण का जनआंदोलन है।

उन्होंने कहा कि एकल विद्यालयों के आचार्य दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, सामाजिक समरसता, स्वावलंबन और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने आचार्य बहनों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक गांव में एकल विद्यालय को सामाजिक जागरण का केंद्र बनाया जाए, जहां बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प साकार हो। उन्होंने कहा कि एकल अभियान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी जा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रचारक **मिथिलेशजी** ने संगठन की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि एकल अभियान सेवा, शिक्षा और संस्कार के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रहा है। उन्होंने अभ्यास वर्ग के सफल संचालन के लिए सभी आचार्यों एवं कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता **अंकितजी** ने एकल विद्यालयों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान समाज के वंचित वर्गों तक शिक्षा पहुंचाकर नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने का सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अंचल सचिव **हरिप्रसादममगाई** ने की। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए आचार्य वार्षिक अभ्यास वर्ग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन अंचल अभियान प्रमुख एवं संगठन मंत्री **रश्मिनेगी** ने किया।
इस अवसर पर **मोहित, जय सिंह रावत, रेखा, प्रमिला, दीपा, सरोजनी, आरती** सहित अनेक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आचार्य बहनें उपस्थित रहीं। पांच दिवसीय अभ्यास वर्ग में आचार्यों को संगठन की कार्यपद्धति, शिक्षण कौशल, संस्कार आधारित शिक्षा तथा ग्रामीण समाज में जागरूकता बढ़ाने के विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

