चमोली: प्राकृतिक सौंदर्य और आस्था का संगम है वसुधारा ट्रैक–

by | Jul 29, 2026 | आस्था, चमोली | 0 comments

चारधाम यात्रा में बदरीनाथ पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों में से साहसी तीर्थयात्री व पर्यटक पहुंचते हैं वसुधारा–

माणा (चमाेली), 29 जुलाई 2026: समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित वसुधारा जलप्रपात अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, करीब 400 फीट ऊंची जलधारा और धार्मिक महत्व के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ धाम के दर्शन के बाद वसुधारा जलप्रपात तक पहुंचकर यहां की अलौकिक प्राकृतिक छटा का आनंद लेते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वसुधारा क्षेत्र के समीप ही पांडवों में सबसे छोटे सहदेव ने स्वर्गारोहण यात्रा के दौरान अपने प्राण त्यागे थे। इसी कारण यह स्थान धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत पवित्र माना जाता है। वसुधारा से निकलने वाली जलधारा लगभग एक किलोमीटर की दूरी तय कर अलकनंदा नदी में समाहित हो जाती है। यह ट्रैक वन पंचायत माणा क्षेत्र में स्थित है, जबकि इसका संरक्षण नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अधीन किया जाता है।

पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अब पार्क प्रशासन वसुधारा ट्रैक को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत माणा गांव की ईको डेवलपमेंट कमेटी (ईडीसी) का गठन किया जाएगा। इस समिति के माध्यम से ट्रैक की नियमित साफ-सफाई, प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य किए जाएंगे।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वसुधारा ट्रैक के संरक्षण को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईडीसी के गठन से जहां ट्रैक पर फैले प्लास्टिक कचरे पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा, वहीं स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन का उद्देश्य हिमालय की इस महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखना है, ताकि आने वाले वर्षों में भी श्रद्धालु और पर्यटक इसकी अनुपम सुंदरता का आनंद ले सकें।

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