न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और आलोक महरा ने बताया निःशुल्क कानूनी सहायता का महत्व–
गोपेश्वर, 27 सितंबर 2026: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के सभागार में रविवार को उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के तत्वावधान में बहुउद्देश्यीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति आलोक महरा ने विद्यार्थियों और आमजन को संविधान, विधिक अधिकारों, निःशुल्क कानूनी सहायता और न्याय तक सुगम पहुंच की जानकारी दी।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय उपलब्ध कराना है। कोई भी व्यक्ति आर्थिक कठिनाई के कारण न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता लेने का आह्वान किया।
सालसा के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि ने निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत और मध्यस्थता सहित विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। एनसीसी कैडेट्स ने अतिथियों का स्वागत किया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और लोक नृत्य प्रस्तुत किया।
लाभार्थियों को बांटे उपकरण और किट
शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से लाभार्थियों को कान की मशीन, व्हीलचेयर, श्रम किट, महालक्ष्मी किट और अटल आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया। इसके बाद न्यायमूर्ति और अन्य अतिथियों ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आमजन तक योजनाओं का लाभ सरलता से पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिंध्याचल सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार पाठक, न्यायिक मजिस्ट्रेट हिना कौशर और गुंजन सिसोदिया, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अधिवक्ता, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

