समलौण आंदोलन के तहत आयोजित किया गया कार्यक्रम, अभी तक सैकड़ों जगहों पर पौधरोपण कर चुकी हैं संयोजिका नंदा देवी जोशी–
गोपेश्वर। विकासखंड कर्णप्रयाग के जयकण्डी गांव में नवदंपती सूरज और पूनम ने शादी को यादगार बनाने के लिए घर के आंगन में संतरे का समलौण पौधा रोपा। सोहनलाल और विमला देवी के पुत्र सूरज ने पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी भी ली। इस पहल के माध्यम से नवदंपती ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन समलौण आंदोलन की संयोजिका नंदा देवी जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण पुण्य कार्य है। मानव पर्यावरण को लगातार दूषित कर रहा है, जिससे अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए जीवन के प्रत्येक संस्कार की याद में समलौण पौधारोपण करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि समलौण पहल अब गांव-गांव में परंपरा के साथ जनआंदोलन का रूप ले रही है। इसके माध्यम से लोग विवाह सहित अन्य संस्कारों को पौधारोपण से जोड़ रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से हर संस्कार पर पौधा लगाने, उसकी देखभाल करने और जंगलों को बचाने की अपील की।

