—घोर पापी को भी मुक्ति दिलाती है भागवत की कथा-

by | Jul 28, 2021 | चमोली, धर्म | 0 comments

जोशीमठ। श्रीमद्भागवत जी के श्रवण से धुन्धुकारी जैसा महापापी व्यक्ति भी पाप मुक्त हो जाता है और देव शरीर को प्राप्त कर लेता है। यानि घोर पापी को भी भागवत कथा मुक्ति दिला देती है। उक्त बातें ज्योतिष्पीठ में चल रहे चातुर्मास्य व्रत के अन्तराल में चौथे दिन श्रीमद भागवत जी की कथा के महत्व का वर्णन करते हुए ब्रह्मचारी मुकुंदानन्द ने बताया। उन्होंने कहा कि आत्मदेव ब्राह्मण को जब साधु ने बता दिया था कि आगामी सात जन्म तक पुत्र सुख की प्राप्ति नहीं है तुझे, फिर भी हठ करके आत्मदेव ने सन्यासी से कहा पुत्र दो नहीं तो आपके सामने ही अपने प्राण त्याग दूंगा। ऐसा हठ करने के बाद महात्मा जी ने एक फल दिया और कहा कि सत्य, पवित्रता, तपस्या करते हुए एक वर्ष तक तुम्हारी पत्नी रहेगी तो एक सुंदर और योग्य पुत्र प्राप्त होगा ।  लेकिन पत्नी धुंधुली ने कुलटा स्वभाव दिखाते हुए अपने नकारात्मक विचारों के कारण सोचा कि फल खाऊंगी तो पेट बड़ा हो जाएगा, बहुत कष्ट होगा, डाकुओं ने यदि आक्रमण कर दिया गांव पर तो भाग नहीं पाऊंगी, प्रसव काल में यदि बच्चा उल्टा हो गया तो बच्चा मर जाएगा, बच्चा पैदा भी हो गया तो फिर उसका लालन-पालन करना कठिन  होगा और मेरी सुंदरता इसे समाप्त हो जाएगी, मैं दुबली पतली हो जाऊंगी मैं तो यह फल नहीं खाऊंगी और झूठ बोल कर अपने पति से धुंधली ने अपने बहन के बच्चे को अपना फल दे दिया। उसके पुत्र को अपने बच्चा बताते हुए समाज के सामने रखा । उन्होंने कहा कि इधर महात्मा जी ने जो फल दिया था उस फल के परीक्षा की भावना मन में आ गई। परीक्षा की दृष्टि से गाय को वह फल खिलाया और गाय ने एक उत्तम पुत्र को जन्म दिया। धुंधुकारी और गोकर्ण एक साथ बड़े हुए परंतु धुंधुकारी अत्यंत क्रूरकर्मा और गोकर्ण महान विद्वान हुआ । पिता और माता के चले जाने के बाद वेश्याओं के साथ रहते अत्यंत क्रूर कर्म किया तड़पते हुए मार दिया गया, परिणामस्वरूप प्रेत योनि को प्राप्त हो गया । गया जी में श्राद्ध करने से भी मुक्ति नही मिल पाई। कहीं से जब कोई मुक्ति का उपाय नहीं मिला, तब विद्वानों के सलाह पर भाई गोकर्ण जी ने सूर्य भगवान से उपाय पूछा। सूर्य भगवान ने बताया कि श्रीमद्भागवत सप्ताह का श्रवण कराओ, उससे प्रेत बाधा से मुक्ति हो जाएगी। परिणामस्वरूप आयोजन किया गया। श्रीमद्भागवत की कथा से धुंधकारी को प्रेत बाधा से मुक्ति मिली और देव शरीर प्राप्त हो गया। वैकुण्ठ से आए पार्षदों ने धुन्धुकारी को उत्तम विमान पर बैठाकर अपने साथ देवलोक ले गए। कथा का आशय यह है कि भागवत कथा के श्रवण से घोर पापी को भी मुक्ति मिल जाती है। ज्योर्तिमठ में प्रतिदिन सायं 4 बजे से 6 बजे तक कथा का आयोजन हो रहा है। यह ध‌ार्मिक कार्यक्रम पूरे चातुर्मास्य पर्यन्त चलता रहेगा।  ।

Latest News

चमोली: सुबोध प्रेम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गोपेश्वर का दो दिवसीय वार्षिकोत्सव समारोह शुरू–

छोलिया नृत्य और लोकगीतों की रही धूम, छात्र-छात्राओं ने दी पहाड़ी नृत्य की शानदार प्रस्तुति...

चमोली: जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण कर घरेलु गैस उपलब्धता का लिया जायजा–

गैस वितरण प्रणाली को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने हेतु आपूर्ति विभाग को रोस्टर प्रणाली को व्यवस्थित...

चिपको महोत्सव: अपर आयुक्त रहे स्वर्गीय हरक सिंह समेत छह लोगों को मिला गौरा देवी सम्मान–

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ चिपको महोत्सव संपन्न, पुरस्कार वितरित हुए-- जोशीमठ, 27 मार्च...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की ​शिष्टाचार भेंट–

उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकर द्वारा दिए जा रहे सहयोग व मार्गदर्शन के लिए जताया आभार...

हादसा: तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलटी, एक सवार की मौत, आठ घायल–

चालक, परिचालक को भी लगी चोटें, कुमाऊं मोटर्स ओनर्स यूनियन की है बस, पुलिस व एसडीआरएफ की टीमों ने...

चमोली: कनोल गांव में इंटरमीडिएट विद्यालय खुलने के आसार बढ़े–

​शिक्षा निदेशालय में उच्च अ​धिकारियों से मिला गांव का प्रतिनि​धि मंडल, विद्यालय उच्चीकरण के...

चमोली: जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत हुए वि​भिन्न कार्यक्रम–

पिछले तीन दिनों से आयोजित हो रहे कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जमाया रंग-- “जन-जन की सरकार, 4...

चमोली: पत्थर से फोड़ा भाई का सिर, अदालत ने दोषी पाते हुए एक साल की सजा सुनाई–

न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज (जूनियर डिविजन) थराली देवांश राठौर की अदालत ने सुनाया फैसला, पढ़ें पूरा...

चमाेली: पोखरी में पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा, व्यापारियों ने किया प्रदर्शन–

लोगों ने कहा पानी आपूर्ति बा​धित होने से रोजमर्रा के कार्यों पर भी पड़ रहा प्रभाव, शीघ्र जलापूर्ति...
error: Content is protected !!