गोपेश्वर। चमोली जनपद की आशा फैसिलिटेटरों ने प्रदेश सरकार से २० दिन के बजाय पूरे महीने का निश्चित मानदेय दिए जाने की मांग की है। सोमवार को सभी आशा फैसिलिटेटर गोपेश्वर में सीएमओ कार्यालय पहुंची और उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। आशा फैसिलिटेटर संघ की जिलाध्यक्ष किरन बिष्ट ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में फैसिलिटेटर और आशाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। एक फैसिलिटेटर के अधीन १५ से ३५ आशाएं कार्य करती हैं। वह समय-समय पर आशाओं का मार्गदर्शन और सहयोग के साथ उनके कार्यों का मूल्यांकन कर उसको उच्चाधिकारियां को भेजते हैं। लेकिन उन्हें माह में सिर्फ 20 दिन का ही मानदेय दिया जाता है। मांग उठाई गई कि उन्हें निश्चित मानदेय दिया जाए। क्योंकि वह पूरे महीने काम करते हैं। उन्होंने 2017 के जून, जुलाई और अगस्त माह के अवशेष मानदेय के भुगतान की मांग भी उठाई। कहा कि उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों में जाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसलिए उन्हें यात्रा भत्ता दिया जाए। कोविड काल में किए गए कार्यों के लिए उन्हें सम्मान जनक मानदेय दिया जाए। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में संगठन की जिलाध्यक्ष किरन बिष्ट, सचिव मोनिका, देवेश्वरी, रेखा भंडारी, मिल्ली नेगी, कुसुम नेगी, उषा, पूनम गौड़, सरिता सुगड़ियाल, सुशीला चौहान, गीता गौड़, दीपा खंडूड़ी, गंगोत्री, अनीता मैंदोली, सीता परिहार के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
आशा फैसिलिटेटरों ने कहा- 20 दिन के बजाय पूरे माह का मानदेय दें, यात्रा भत्ता भी दिया जाए, मुख्यमंत्री से की मांग–
by laxmi Purohit | Aug 9, 2021 | चमोली, स्वास्थ्य | 0 comments

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