होमकुंड में पूजा-अर्चना के बाद हुआ विदाई अनुष्ठान, चौसिंग्याखाडू को कैलाश के लिए किया रवाना, भावुक हुए नंदा भक्त
गोपेश्वर, 20 सितंबर 2026: हिमालय की अधिष्ठात्री मां नंदा की 20 दिन से अधिक समय से चल रही ऐतिहासिक बड़ी जात सोमवार को विभिन्न पड़ावों से होते हुए कैलाश की ओर रवाना हो गई। 20 सितंंबर रविवार के दिन होमकुंड में विधिविधान से पूजा-अर्चना के बाद चौसिंग्याखाडू को कैलाश के लिए विदा किया गया। इस भावुक क्षण के साक्षी बने नंदा भक्तों की आंखें नम हो गईं। मां नंदा की डोली और छंतोलियों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच मां नंदा से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत और मंदिर समिति कुरुड़ के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला ने बताया कि सोमवार को मां नंदा कुरुड़ और बंड क्षेत्र की डोली रात्रि प्रवास के लिए सुतोल गांव पहुंचेगी। उन्होंने होमकुंड और वेदनी बुग्याल में मौजूद सभी नंदा भक्तों से नीचे उतरकर सुतोल गांव पहुंचने की अपील की है।

मां नंदा की बड़ी जात यात्रा पांच सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों और पड़ावों में श्रद्धालुओं ने मां नंदा की डोली और छंतोलियों का भव्य स्वागत किया। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मान्यताओं के अनुसार मां नंदा को कैलाश विदा करने के इस अनुष्ठान में भक्तों ने भावपूर्ण विदाई दी। बड़ी जात के समापन के साथ क्षेत्र में मां नंदा के जयकारे गूंजते रहे।

