पंचायत प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन, कई मांगें उठाई, आंदोलन का दिया अल्टीमेटम–
गोपेश्वर, 20 मार्च 2026: ज्योतिर्मठ विकास खंड के अंतर्गत ग्राम सभा ढाक व समस्त परियोजना प्रभावित ग्राम पंचायतों में एनटीपीसी, एससीसी और पीएस कंपनी की ओर से किए जाने वाले कार्यों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्योतिर्मठ प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष व ग्राम प्रधान ढाक मोहन बजवाल ने यह ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में ब्लॉक प्रमुख अनूप सिंह नेगी, कनिष्ठ प्रमुख नरेश चंद्र, क्षेत्र पंचायत सदस्य विपेंद्रकैरणी के साथ ही ग्राम प्रधान गुलाबकोटी, कुंडीखोला, रैणी चकसुभांई, भेंटा, मेरग, सेलंग, डुंग्रा, खीरों-लामबगड़, थेंग, रैेणी, बड़ागांव, सलूड़, रेगड़ी, लंगसी, हेलंग, करछों सहित अन्य प्रभावित ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। उन्होंने निर्माणाधीन तपोवन जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्राम पंचायतों को चारापत्ती, रोजगार, मुआवजा समेत कई मांगें उठाई हैं।
कहा गया कि परियोजना निर्माण के लिए एनटीपीसी ने क्षेत्र में नाप भूमि 400 नाली और वन पंचायत की 750 नाली भूमि को परियोजना कार्य के लिए अधिग्रहित किया गया है, मगर स्थानीय लोग मायूस हैं। लोग लंबे समय से रोजगार व चारापत्ती का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं हो रही है। चेतावनी दी गई कि दस दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो एक अप्रैल से परियोजना के कार्यों को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बजवाल ने कहा कि परियोजना में 55 प्रतिशत रोजगार बाहरी राज्यों के लोगों को दिया गया है, जबकि कंपनी की डीपीआर में साफ उल्लेख है कि 70 प्रतिशत रोजगार प्रभावित क्षेत्र के लोगों को दिया जाएगा। एनटीपीसी की ओर से प्रभावित परिवारों को चारापत्ती का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है, जबकि टीएचडीसी की ओर से प्रभावित परिवारों को प्रति तिमाही को 15 हजार रुपये दिया जाता है।
उन्होंने आवासीय भवनों को नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति देने, नाप भूमि व फसल का मुआवजा देने, ढाक गांव के लिए पेयजल योजना का लाभ दिए जाने, रैणी आपदा में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के एक सदस्य को स्थाई रोजगार देने सहित कई मांगें उठाई हैं।


