परियोजना प्रबंधन ने कहा, 50 प्रतिशत स्थानीय लोगों को दिया रोजगार, चारापत्ती का नहीं कोई प्रावधान–
गोपेश्वर, 24 मार्च 2026: तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना प्रबंधन ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावित आंदोलन को निराधार बताया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि परियोजना में प्रभावित लोगों को समुचित रोजगार दिया जा रहा है। एनटीपीसी के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना पॉलिसी में चारापत्ती के मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है।
अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर तपोवन क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने एक अप्रैल से परियोजना कार्य प्रभावित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा गया है। एनटीपीसी तपोवन के वरिष्ठ सहायक अधिकारी राजेंद्र सिंह जयाड़ा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एनटीपीसी और उत्तराखंड सरकार के बीच हुए समझौते में 50 प्रतिशत तक उत्तराखंड के स्थानीय लोगों को परियोजना में रोजगार देना है,
इसका पूरा पालन किया जा रहा है। कहा कि एनटीपीसी के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना पॉलिसी में चारापत्ती के मुआवजे का प्रावधान नहीं है। कहा कि आंदोलन का प्रस्ताव परियोजना में कार्य कर रहे लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, साथ ही यह गैरकानूनी और राष्ट्र के हित के विपरीत होगा। उन्होंने राष्ट्रहित में निर्माणाधीन परियोजना कार्य में सहयोग की अपील की है।


