एतिहासिक रही इस बार बदरी-केदार की तीर्थयात्रा, बीकेटीसी भी हुई गदगद, भावुक होकर उल्टे पांंव मंदिर से लौटे रावल–
बदरीनाथ: श्रवण नक्षत्र में शनिवार को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय की मौजूदगी में अपराह्न 3.33 मिनट पर पूजा-अर्चना के पश्चात मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।
कपाट बंद के समय साढ़े पांच हजार से अधिक श्रद्धालुजन तीर्थयात्री कपाट बंद होने के साक्षी बने। बदरीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेष ने मंदिर को फूलों से सजाया। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति(बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में इस यात्रा वर्ष बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा ऐतिहासिक रही है। इस बार सबसे अधिक अड़तीस लाख रिकार्ड तीर्थयात्री बदरी-केदार पहुंचे हैं। जिनमें से आज कपाट बंद तक अठारह लाख चालीस हजार से अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे है। उन्होंने यात्रा में योगदान करने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थानों को बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय 15 नवंबर केदारनाथ के कपाट बंद के कार्यक्रम के बाद श्री बदरीनाथ कपाट बंद की तैयारियों हेतु श्री बदरीनाथ धाम पुंहंच गये थे।

मुख्यकार्याधिकारी योगेंद्र सिह ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि से 17 नवंबर शुक्रवार देर रात तक 18 लाख 36 हजार 5 19 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे है जोकि पिछले सभी यात्रा वषों में सबसे अधिक है, कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार,मंदिर समिति सदस्य वीरेंद्र असवाल, भास्कर डिमरी, सदस्य आशुतोष डिमरी, सुभाष डिमरी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी/ डिप्टी सीईओ कुमकुम जोशी,,प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी, ईओ नगर पंचायत सुनील पुरोहित,मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण,एई गिरीश देवली मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ आदि मौजूद रहे।



