चमोली: मकान बनाने के लिए नहीं मिल रही सुर​क्षित भूमि, हमें अपनी भूमि वापस दिला दो सरकार–

by | Apr 14, 2024 | चमोली, मुद्दा | 0 comments

भू धंसाव के बाद जोशीमठ में बढ़ी भूमि की किल्लत, 61 साल से भूमि पर सेना का कब्जा, 31 साल से नहीं मिला भूमि का मुआवजा–

जोशीमठ (चमोली): भूधंसाव के बाद जोशीमठ में भूमि की किल्लत बढ़ गई है। यहां मकान बनाने के लिए सुर​​क्षित भूमि नहीं मिल रही है। भूधंंसाव प्रभावित जोशीमठ में नई मकान बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें भूमि नहीं मिल रही है। इस ​स्थिति में अब लोगों को 61 साल पहले सेना को दी गई अपनी भूमि की याद आ गई है। भूस्वामियों ने सरकार से अपनी भूमि को वापस दिलाने की मांग की है। कहा कि पूर्व में सेना की ओर से लीज भूमि का उन्हें मुआवजा दिया जाता था, लेकिन वर्ष 1992 के बाद से उन्हें मुआवजे का भुगतान भी नहीं किया गया है।

1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान जोशीमठ के डाडों, रविग्राम सहित अन्य वार्डों में सैकड़ों नाली भूमि रक्षा मंत्रालय द्वारा अधिग्रहित कर ली गई थी। इस भूमि का रक्षा मंत्रालय की ओर से लोगों को मुआवजे का भुगतान भी किया गया। लेकिन अब भुगतान नहीं किया जा रहा है। एक वर्ष पूर्व जोशीमठ नगर में भू-धंसाव होने से लोगों ने सेना को दी भूमि को वापस करने की मांग जोर शोर से उठानी शुरू कर दी। मामले में रक्षा मंत्रालय को भी ज्ञापन भेजे गए, लेकिन इस ओर अभी तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

डाडों गांव की 84 साल की रामेश्वरी देवी का कहना है कि गांव के समीप कई नाली उपजाऊ भूमि थी, जिस पर वे काश्तकारी करते थे। वर्ष 1962 में सेना ने जबरदस्ती भूमि को अपने कब्जे में ले लिया। खेतों में जो फसल थी, उसे काटने का भी समय नहीं दिया गया। 61 साल से सेना की ओर से भूमि का भुगतान नहीं किया गया है।

स्थानीय निवासी कमल रतूड़ी का कहना है कि रक्षा मंत्रालय की ओर से लोगों से अवैध रुप से भूमि ली गई है, उसे वापस किया जाए। अतुल सती का कहना है कि रक्षा मंत्रालय द्वारा स्थानीय लोगों से बिना सहमति भूमि अधिग्रहित की गई। भूमि का ना ही मुआवजा दिया गया और न ही भुगतान किया। अब लोग एक इंच जमीन के लिए भी भटक रहे हैं।

Latest News

चमोली: प्रशासन और टीएचडीसी अ​धिकारियों की बैठक में गरजे नागपुर बंड क्षेत्र के परियोजना प्रभावित, जनांदोलन की दी चेतावनी–

समस्याओं के समाधान को टीएचडीसी ने मांगा 15 दिन का समय, नियत समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो...

पश्चिम बंगाल में जीत पर बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा, गोपेश्वर-जोशीमठ में जश्न–

बदरीनाथ में प्रधानमंत्री के नाम की विशेष पूजा, उत्साहित कार्यकर्ताओं ने की आतिशबाजी...

चमाेली: निजमुला घाटी के भनाली तोक में आकाशीय बिजली गिरने से 500 बकरियों की मौत–

एक झटके में उजड़ गया भेड़पालकों का सहारा, बारिश के बीच हुआ हादसा, क्षेत्र में मचा हड़कंप-- चमोली, 04...

चमोली: राज्य आंदोलनकारी ​शिक्षक कमल किशोर डिमरी हुए सेवानिवृत्त, सजी महफिल, पुरानी यादें हुई ताजा–

अक्षत नाट्य संस्था की ओर से आयोजित किया गया भव्य विदाई समारोह, ​शिक्षक और गणमान्य लोग हुए शामिल...

चमोली: कंडारा में 4 से 6 जून तक सजेगा दशोली गढ़ कौथिग, काफल और लिंगुड़ा के स्टॉल होंगे आकर्षण का केंद्र–

कौ​थिग के आयोजन को लेकर बैठकों का दौर शुरू, कौ​थिग के भव्य आयोजन को लेकर बैठक में हुआ मंथन...

चमोली: इंजीनियरिंग कॉलेज में नीट परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, 250 ने किया था पंजीकरण–

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ संपन्न हुई परीक्षा, पढ़ें, कितने अभ्य​र्थियों ने दी नीट परीक्षा, डीएम...

छलिया मौसम: चमोली में तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट पर–

जिलाधिकारी की श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील, अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर...

बढ़ते जन सैलाब के बीच बाबा केदार के भक्तों की सुरक्षा बढ़ाई, बम निरोधक दस्ता द्वारा की जा रही सघन चेकिंग–

केदारनाथ धाम के वि​भिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में बम डिस्पोजल स्क्वाड ने की विशेष चेकिंग-- केदारनाथ...

जिला प्रशासन की सजगता और मानवीय संवेदनशीलता से बची 10 माह की मासूम की जिंदगी–

सीएमओ ने की अपील, उच्च हिमालयी क्षेत्र में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यात्रा में लाने से बचें...
error: Content is protected !!