दियालीसेरा: प्रचार-प्रसार न होने से खूबसूरत पर्यटन स्थल दियालीसेरा आज भी पर्यटकों की नजरों से दूर–

by | Sep 27, 2024 | चमोली, पर्यटन | 0 comments

दियालीसेरा में हर साल प्राकृतिक रुप से उगती है धान, सभी को हैरान कर देता है दियालीसेरा–

जोशीमठ: चमोली जनपद में ​स्थित एक ऐसा स्थान जहां हर साल प्राकृतिक रुप से धान​ उगती है। यहां दूर दूर तक फैले बुग्याल बरबस ही अपनी ओर आक​र्षित करते हैं, लेकिन प्रचार प्रसार के अभाव में यह खूबसूरत पर्यटन स्थल आज भी पर्यटकों की नजरों से दूर है। सुंदर बुग्यालों वाला यह रहस्यमयी क्षेत्र आज भी पर्यटकों की नजरों से दूर है। उच्च हिमालय क्षेत्र में ​स्थित

दियालीसेरा रोमांच और कौतुहल से भरा हुआ है। यहां बुग्यालों के बीच एक ऐसा सेरा है जहां हर साल प्राकृतिक रूप से धान उगती है। लेकिन प्रकृति प्रेमियों व पर्यटकों की नजरों से ओझल यह क्षेत्र लगातार उपेक्षा झेल रहा है।

करछो गांव के उत्तरी क्षेत्र में स्थित इस स्थान को लेकर लोगों में पौराणिक मान्यताए हैं। माना जाता है कि यहां पर वन देवियां धान की खेती करती हैं। बहुत कम पर्यटक ही यहां पहुंचते हैं। ज्यादातर स्थानीय लोग ही यहां पहुंच पाते हैं। करछो गांव निवासी विक्रम फरस्वाण का कहना है कि यदि इस क्षेत्र का सही से प्रचार-प्रसार हो तो यह आने वाले समय में दुनिया के सबसे सुंदर और रमस्यमयी पर्यटक स्थलों में से एक हो सकता है। लेकिन इसके लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किए गए।

कैसे पहुंचे दियारीसेरा

इस जगह जाने के लिए दो रास्ते हैं। पहला ज्योतिर्मठ से करछौं तक वाहन से पहुंचा जा सकता है। उसके बाद करीब आठ किमी पैदल दूरी पर यह सुंदर स्थान है। यहां पहुंचने के लिए दुरकुडा में पहला पड़ावपड़ता है, यहां रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन इस जगह पर जाया जाता है। दूसरा मार्ग औली से है, यहां से करीब दस किमी की पैदल दूरी पर यह स्थान है। लेकिन सबसे सुगम रास्ता करछों होकर माना जाता है।

यहां जाने का सबसे उचित समय

– अगस्त, सितंबर व अक्तूबर यहां जाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस समय यहां सेरे में धान दिख जाती है। सर्दियों में यहां बर्फबारी होती है।

Latest News

चमोली: भालू के हमले में देवरानी-जेठानी की मौत–

घास लेने जंगल गई थीं दोनों महिलाएं, चट्टान से गिरकर भी हुईं गंभीर घायल; श्रीनगर के पास लक्ष्मी ने भी...

चमोली: आस्था और उमंग के बीच आज कैलाश के लिए विदा होगी मां नंदा की डोली–

सिद्धपीठ कुरुड़ में उमड़ा आस्था का सैलाब, जागरों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा मंदिर परिसर...

जय मां नंदा: सज गया मां नंदा का धाम कुरुड़, भक्तों के स्वागत को तैयार हुई डोलियां और मंदिर–

पांच सितंबर को तीनों डोलियां कैलाश के लिए होंगी रवाना, बृहस्पतिवार से शुरू होगा तीन दिवसीय नंदा मेला...

चमोली: अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भड़के पंचायत प्रतिनिधि, दशोली क्षेत्र पंचायत बैठक का बहिष्कार–

एक साल पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं होने और मनरेगा भुगतान लंबित होने पर जताई नाराजगी-- गोपेश्वर...

चमोली: बैरागनाभदाकोटी की चट्टान से फिर हाईवे पर गिरा मलबा, बैरागना में थमी आवाजाही–

तेज बारिश के दौरान भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा आने से चमोली-कुंड हाईवे बाधित, रोडवेज बस भी फंसी...

चमोली: जीवन बीमा निगम की गोपेश्वर शाखा में धूमधाम से मनाया गया 70वां स्थापना दिवस–

वृद्धाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों को फल और दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की, बीमा सप्ताह में होंगे...

चमोली: सजने लगा मां नंदा का धाम सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर, गेंदे के फूलों से सजाया जा रहा मंदिर–

3 से 5 सितंबर तक आयोजित होगा नंदा मेला, पांच सितंबर को कैलाश के लिए विदा होंगी कुरुड़, बंड और...

चमोली: ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर बाल वैज्ञानिकों ने दिए अपने टिप्स–

वैष्णवी, दिव्यांशु और देवराज जनपद स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित, भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 पर...

चमोली: देश के प्रथम गांव माणा से शुरू हुआ स्व-गणना प्रक्रिया–

प्रगणक और सुपरवाइजर 30 सितंबर तक घर-घर जाकर करेंगे मैपिंग एवं जनगणना संबंधी कार्य-- गोपेश्वर, 02...
error: Content is protected !!