चमाेली: चारधाम होटल एसोसिएशन की बदरीनाथ में हुई बैठक, दस बिंदुओं पर हुई चर्चा–

by | Nov 12, 2025 | चमोली, व्यवसाय | 0 comments

एसोसिएशन के पदा​धिकायों ने कहा चारों धामों में यात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता हो खत्म, कहा कोरोना के बाद 30 प्रतिशत घट रही यात्री संख्या, पढ़ें पूरी खबर–

बदरीनाथ, 12 नवंबर 2025: उत्तराखंड के चार धामों में तीर्थयात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता पर चारधाम होटल एसोसिएशन उत्तराखंड ने एतराज जताया है। नाराजगी जताई कि यात्रा रुट की होटलों में पर्याप्त व्यवस्था के बावजूद यात्रियों की संख्या सीमित करना गलत है। सरकार से मांग की है कि आगामी यात्रा में चारों धामों में यात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता को खत्म किया जाए।

बुधवार को बदरीनाथ में चारधाम होटल एसोसिएशन की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने की। बैठक में बैठक में केदारनाथ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेश नौटियाल, चारधाम होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रेम गोस्वामी, गंगोत्री होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष/चारधाम होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिल नौटियाल, यमुनोत्री होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष/चारधाम होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सोभन सिंह राणा, उत्तरकाशी होटल एसोसिएश के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा, बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीतांबर मोल्फा, सचिव विशेश्वर नैथानी, एसोसिएशन के प्रवक्ता संदीप राणा के साथ ही कई पदा​धिकारी शामिल हुए।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने कहा कि बदरीनाथ यात्रा रुट पर कर्णप्रयाग से बदरीनाथ तक होटलों में करीब एक लाख यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था आसानी से हो सकती है। लेकिन सरकार ने 17 हजार तक की सीमा तय कर दी। सभी धामों के यात्रा मार्ग पर जगह-जगह होटल पर्याप्त मात्रा में हैं, उसके बावजूद यात्रियों की संख्या सीमित करना किसी भी तरह से उचित नहीं है। सभी ने एक स्वर में यात्री संख्या सीमित करने के नियम को खत्म करने की मांग उठाई। कहा कि आगामी यात्रा में यदि इसे समाप्त नहीं किया जाता है तो आंदोलन किया जाएगा। एसोसिएशन के पदा​धिकारियों ने एक स्वर में मांग उठाई कि आगामी यात्रा के लिए चारों धामों में यात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता खत्म की जाए, यात्रियों के पंजीकरण के लिए बार कोड या क्यू आर कोड जैसी आधुनिक व्यवस्था को उपयोग में लाया जाए, यात्रा मार्ग पर अनावश्यक पुलिस बैरियर समाप्त किए जाएं, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण कार्य शीघ्र किया जाए, गंगोत्री-यमुनोत्री में सुनियोजित विकास के लिए महायोजना को शीघ्र लागू किया जाए।

बदरीनाथ धाम में महायोजना से संबंधी बैठकाें में स्थानीय समितियों को भी शामिल किया जाए और बदरीनाथ में पंच धाराओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। बदरीनाथ होटल एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र ध्यानी ने कहा कि कोरोना काल के बाद 54 लाख यात्री चारों धामों में पहुंचे थे। लेकिन उसके बाद यह ग्राफ घटा है। 2024 में 15 प्रतिशत और इस साल 30 प्रतिशत तक कम यात्री पहुंचे हैं, इसका मुख्य कारण यात्रियों की संख्या सीमित करना है।

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