श्रद्धांजलि :टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई के ​आक​स्मिक निधन को बताया राष्ट्रीय क्षति–

by | Nov 18, 2025 | चमोली, श्रद्धांजलि | 0 comments

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना परिसर में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा–

पीपलकोटी, 18 नवंबर 2025: टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) आरके विश्‍नोई के आकस्मिक निधन पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) के विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों ने आज टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक स्वर्गीय आरके विश्‍नोई के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। वीपीएचईपी परियोजना कार्यालय में 17 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजे दो मिनट का मौन रखकर उन्हें स्मरण किया गया।

शोक सभा के बाद अजय वर्मा, परियोजना प्रमुख (वीपीएचईपी) ने स्वर्गीय विश्‍नोई के टीएचडीसीआईएल में अमूल्य योगदान और वीपीएचईपी की प्रगति में उनकी निर्णायक भूमिका को याद करते हुए कहा कि उनका दूरदर्शी मार्गदर्शन और कार्य के प्रति समर्पण सदैव संगठन को प्रेरित करता रहेगा।

भारत के ऊर्जा क्षेत्र ने अपने एक अत्यंत प्रतिष्ठित और प्रखर नेता को खो दिया है। 15 नवंबर 2025 (शनिवार) को 58 वर्ष की आयु में उनका स्वर्गवास हो गया। उनका अंतिम संस्कार 16 नवंबर 2025 को ऋषिकेश में संपन्न हुआ।

30 मार्च 1967 को जन्मे स्वर्गीय विश्‍नोई भारत के जलविद्युत क्षेत्र के एक ऐसे मार्गदर्शक व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने समृद्ध अनुभव, ज्ञान और नेतृत्व से ऊर्जा क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने 06 अगस्त 2021 को टीएचडीसीआईएल के सीएमडी का पदभार ग्रहण किया था। इससे पूर्व वे सितंबर 2019 से निदेशक (तकनीकी) के रूप में कार्यरत थे। उनके कार्यकाल में टीएचडीसीआईएल को एक सक्षम, अनुभवी और विविधीकृत ऊर्जा कंपनी के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन्होंने संचालनाधीन एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं में तकनीकी नवाचार और दक्षता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

37 वर्षों से अधिक के अपने समृद्ध अनुभव में स्वर्गीय श्री विश्‍नोई ने देश की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं की डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे वर्ष 1989 में टीएचडीसीआईएल से इंजीनियर के रूप में जुड़े और अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के बल पर 2013 में महाप्रबंधक, 2016 में कार्यकारी निदेशक बने। उन्होंने विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (444 मेगावाट) के कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। टिहरी, कोटेश्वर एवं विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजनाओं में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया जाता है।

स्वर्गीय विश्‍नोईबीआईटीएस पिलानी से सिविल इंजीनियरिंग में ऑनर्स ग्रेजुएट थे। उन्होंने एमबीए की उपाधि प्राप्त की थी तथा मॉस्को (रूस) स्थित स्टेट यूनिवर्सिटी से ‘हाइड्रॉलिकस्ट्रक्चर्स एवं हाइड्रोपॉवरकंस्ट्रक्शन’ में प्रोफेशनल अपग्रेडेशन कार्यक्रम पूरा किया था। वे अंतरराष्ट्रीय जलाशय आयोग (ICOLD) की ‘TechnicalCommitteeonSeismicSafetyofDams’ में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर रहे थे।

उन्होंने स्पोकेन (यूएस), वाशिंगटन डीसी (यूएस), सेंट पीटर्सबर्ग (रूस), चेंगदू (चीन), बीजिंग (चीन), पोर्टोकरास (ग्रीस), अन्ताल्या (तुर्की), ओटावा (कनाडा), सिंगापुर एवं नेपाल सहित कई देशों में महत्वपूर्ण कीनोट व्याख्यान दिए थे। श्री विश्‍नोई का निधन पूरे जलविद्युत समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और वीपीएचईपी परिवार दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता है तथा शोक-संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है।

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