लोक संगीत: टोक्यो (जापान) में बिखरेंगे सौरव मैठाणी लोक संस्कृति के रंग–

by | Jan 28, 2026 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

देश की सीमाओं को पार पर विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रही उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, ​

रुद्रप्रयाग, 28 जनवरी 2026: उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एक बार फिर देश की सीमाओं को पार कर विश्वपटल पर अपनी पहचान बनाने जा रही है। आगामी 01 फरवरी 2026 को टोक्यो, जापान में प्रवासी उत्तराखंडियों द्वारा एक भव्य “उत्तराखंडमात्सुरी” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक सौरव मैठाणी अपनी सशक्त और भावनात्मक प्रस्तुति से लोकसंस्कृति के रंग बिखेरते नजर आएंगे।

यह कार्यक्रम न केवल प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर होगा, बल्कि जापान में पहली बार आयोजित होने जा रहा ऐसा उत्तराखंडी सांस्कृतिक उत्सव भी है, जो अपनी विशिष्टता के कारण विशेष महत्व रखता है।

कार्यक्रम में उत्तराखंड की संस्कृति, सभ्यता, पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन, लोकगीत एवं लोकनृत्यों की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। ढोल-दमाऊ की थाप, लोकगीतों की मिठास और पारंपरिक वेशभूषा में सौरव मैठाणी उत्तराखंड की आत्मा को टोक्यो की धरती पर प्रस्तुत करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य आयोजक मनमलंग उत्तराखंड फिल्म्स, देसी वॉर्डरोब, मयंक डबराल, बिपिन सैमवाल, मनोज भारद्वाज एवं कुलदीप बिष्ट हैं, जिनके प्रयासों से यह कार्यक्रम साकार हो रहा है।

लोकगायक सौरव मैठाणी इससे पूर्व कनाडा, लंदन, दुबई, ओमान, सिंगापुर सहित कई देशों में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का परचम लहरा चुके हैं। उनकी गायकी में पहाड़ का दर्द, खुशी, संघर्ष और संस्कृति की आत्मा स्पष्ट रूप से झलकती है, जो श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है। टोक्यो में आयोजित होने जा रहा यह उत्तराखंड मात्सुरी न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, बल्कि यह उत्तराखंड की पहचान, परंपरा और लोकधरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक ऐतिहासिक प्रयास भी है।

यह आयोजन निश्चित रूप से प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अपनापन, स्मृतियाँ और पहाड़ से जुड़ाव लेकर आएगा, वहीं जापान में उत्तराखंड की संस्कृति की एक नई पहचान भी स्थापित करेगा।

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