चमोली। चमोली जनपद में सोमवार को दिनभर बारिश जारी रही। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। जनपद में अलकनंदा, पिंडर और नंदाकिनी नदी फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। अलकनंदा का जलस्तर 951.40 मीटर तक पहुंचा है, जबकि खतरे का निशान 957.40 मी है। नंदाकिनी 867.14 मी. पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 871.50 मीटर है और पिंडर नदी 768.21 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 773 मीटर है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग दिनभर बारिश के कारण पागल नाला में नहीं खोला जा सका है, यहां हाईवे के दोनों ओर रुके तीर्थयात्री और स्थानीय लोगों ने पीपलकोटी, हेलंग और जोशीमठ में शरण ली है। बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो रही है, जिससे धाम में ठंड बढ़ गई है। धाम में रोके गए करीब 2500 तीर्थयात्री बारिश बंद होने का इंतजार कर रहे हैं। यात्रा लगभग ठप सी पड़ी है। यात्रा पड़ावों की सड़कें दिनभर सुनसान पड़ी रही। यात्री होटलों में ही बारिश बंद होने का इंतजार कर रहे हैं। जोशीमठ-मलारी हाईवे भी तमक नाले के पास बंद पड़ा है, जिससे सेना के वाहनों की आवाजाही भी नहीं हो पा रही है।
चमोली में खतरे के निशान से नीचे बह रही सभी नदियां, भारी बारिश लगातार जारी–
by laxmi Purohit | Oct 18, 2021 | आपदा, चमोली | 0 comments

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