विधायक लखपत बुटोला ने तीन लाख और ब्लॉक प्रमुख ने की ढाई लाख रुपये देने की घोषणा–
जोशीमठ, 26 अप्रैल 2026: आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा आठवीं सदी में आयोजित किए गए रम्माण का आज भी उसी उत्साह, आस्था के साथ आयोजन किया जाता है। जोशीमठ के सलूड़डुंगरा गांव में रविवार को विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण का आयोजन हुआ। इस आयोजन को करीब से देखने के लिए सैकड़ों दर्शकों के साथ ही अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। रम्माण के दौरान देवताओं के मुखौटा नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। जागर में रामायण के मंचन की धूम रही।

सलूड़-डुंगरा गांव में हर साल रम्माण का आयोजन हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाता है। इस आयोजन की खास विशेषता यह है कि यह ढोल-दमाऊं की थाप पर जागरों के माध्यम से मुखौटा नृत्य के साथ आयोजित होता है। रविवार को इसका भव्य आयोजन किया गया। बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, आईटीबीपी औली के महानिरीक्षक अखिलेश रावत, आईटीबीपी के कमांडेंट रतन सिंह सोनाल, बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख अनूप रावत के साथ ही कई गणमान्य लोग इस आयोजन काे देखने के लिए पहुंचे। आयोजन को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के लिए सलूड़डुंग्रा गांव में बड़ी संख्या में यू टयूबर भी पहुंचे हुए थे।

सलूड़-डुंगरा गांव के भूमियाल देवता के मंदिर प्रांगण में रम्माण मेला आयोजित हुआ। विधि विधान के साथ मेला आरंभ हुआ। इसमें जागर शैली में राम कथा का वर्णन किया गया और राम, लक्ष्मण, सीता व हनुमान के पात्रों ने इसमें अभिनय किया। संपूर्ण रामायण का वर्णन 18 तालों में किया गया, इसमें राम जन्म, सीता हरण, हनुमान मिलन, लंका दहन जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन हुआ। रम्माण के बीच में दर्शकों के मनोरंजन के लिए अलग-अलग मुखौटा नृत्य हुआ।

इसमें म्वर-म्वारी, बणियां-बणियांण के बाद भूमियाल देवता का नृत्य हुआ। कुरुजोगी नृत्य के बाद स्वर्ण मृग वध सहित विभिन्न मुखौटा नृत्य हुए। अंत में सबसे रोमांचित करने वाला मल्ल नृत्य हुआ। मल्ल योद्धा प्रांगण में पहुंचे, ढोल दमाऊ की थाप पर ध्वनि की गर्जना के साथ प्रतीकात्मक मल युद्ध हुआ।
अंत में भूमियाल देवता के अवतारी पुरुष ने भक्तों को खुशहाली का आशीर्वाद दिया। बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने रम्माण आयोजन के लिए अपनी निधि से तीन लाख रुपये और जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी ने ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की।

