चमोली: कंडारा में 4 से 6 जून तक सजेगा दशोली गढ़ कौथिग, काफल और लिंगुड़ा के स्टॉल होंगे आकर्षण का केंद्र–

by | May 3, 2026 | चमोली, जागरुकता | 0 comments

कौ​थिग के आयोजन को लेकर बैठकों का दौर शुरू, कौ​थिग के भव्य आयोजन को लेकर बैठक में हुआ मंथन–

गोपेश्वर। चमोली जिले के कंडारा क्षेत्र में प्रतिवर्ष पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला प्रसिद्ध दशोली गढ़ कौथिग इस वर्ष 4 से 6 जून तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां शुरू हो गई हैं और इसी क्रम में रविवार को कंडारा गांव में कौथिग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कौथिग को इस बार अधिक भव्य और आकर्षक स्वरूप देने पर सहमति बनी।

कौथिग समिति के अध्यक्ष सतेंद्र बिष्ट और पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक उत्पादों को विशेष पहचान देने पर जोर दिया गया। तय किया गया कि इस बार कौथिग में स्थानीय महिलाओं की ओर से काफल, लिंगुड़ा सहित अन्य पहाड़ी उत्पादों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जो मेले का मुख्य आकर्षण बनेंगे। इसके साथ ही हस्तशिल्प और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को भी मंच मिलेगा।

जिला पंचायत सदस्य सरोजनी देवी ने कहा कि कौथिग केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि महिला मंगल दलों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन को नई पहचान मिलेगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान क्षेत्र की महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों की ओर से लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इससे स्थानीय संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।

उद्योगपति सुधीर रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई कौथिग की तर्ज पर दशोली गढ़ कौथिग को भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में पूर्व प्रधान तेजवीर कंडेरी, दिनेश रावत, रवि बिष्ट, रोशन बिष्ट, जयसिंह कठैत, भरत, दर्शन सहित महिला मंगल दलों की महिलाओं और युवाओं ने भी अपने सुझाव रखे तथा आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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