वन भूमि हस्तांतरण में देरी पर आंदोलन की चेतावनी, डीएफओ से मिले ग्रामीण, आक्रोश जताया–
गोपेश्वर, 13 मई 2026: पोखरी विकास खंड के थलगढ़-डाडों मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शासन से स्वीकृति मिलने के नौ साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ से मुलाकात कर वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग उठाई।
सामाजिक कार्यकर्ता विरेंद्र सिंह रमोला, प्रदीप सिंह रमोला और संजय सिंह रमोला ने डीएफओ सर्वेश दुबे को बताया कि सड़क निर्माण में सरकारी एजेंसियों की लापरवाही के कारण थलगढ़, कलसिर और डाडों गांव के ग्रामीणों को आज भी करीब पांच किलोमीटर पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं और उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क न होने का खामियाजा लोगों को गंभीर परिस्थितियों में भुगतना पड़ा है। वर्ष 2022 में अस्वस्थ पूर्व सैनिक अवतार सिंह ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, वर्ष 2023 में पूर्व सैनिक राजवर सिंह रमोला की भी लंबी पैदल दूरी के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सड़क को शासन से स्वीकृति मिली थी और प्रथम चरण में 48 लाख रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं की सुस्ती के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

