ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन पर उपेक्षा का लगाया आरोप, मांग पूरी न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी
नंदानगर, 27 मई। राजकीय इंटर कॉलेज चौनघाट में विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग को लेकर घूनी, रामणी और पडेरगांव के ग्रामीणों का क्रमिक अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने लंबे समय से उठाई जा रही मांग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। अनशन स्थल पर ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शीघ्र विज्ञान संकाय संचालित करने की मांग उठाई।

बुधवार को अनशन स्थल पर पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य डॉ. शंभू प्रसाद पांडेय ने आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से जल्द मांग पूरी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। विज्ञान संकाय न होने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूरदराज के क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है, जिससे कई छात्र पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

आंदोलन में ग्राम प्रधान घूनी ममता पांडेय, रामणी के ग्राम प्रधान कुंवर लाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख करण सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामणी पवित्रा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पूरण सिंह नेगी, ग्राम प्रधान कनोल पूजा देवी, अभिभावक-शिक्षक संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, नरेंद्र सिंह रावत, मुकेश घुनियाल, जगदीश पांडेय, कनोल गांव के गबरु पहाड़ी, बिंदी देवी, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अब्बल सिंह बिष्ट, बलवीर सिंह, पुष्पा देवी, रुकमा देवी, बलवंत सिंह, देवेंद्र सिंह, लक्ष्मी देवी, माहेश्वरी देवी, प्रियंका, सुरेंद्र कुमार, अनिल कुमार के साथ ही अन्य क्षेत्रीय गणमान्य लोगों ने अनशन स्थल पर नारेबाजी की और जिला प्रशासन से शीघ्र मामले का संज्ञान देने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को लगातार नजरअंदाज कर रही है। इससे क्षेत्र के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी एक सूत्रीय मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा। साथ ही कहा कि सरकार यदि अब भी नहीं चेती तो वर्ष 2027 के चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि विज्ञान संकाय न होने से क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल मामले का संज्ञान लेकर समाधान निकालने की मांग की है।

