विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रिय रुप से लिया भाग, व्यापक मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन–
ज्योतिर्मठ, 30 मई 2026: एनटीपीसी की विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना तपोवन में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखा गया। इसके लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न सुरक्षा और बचाव एजेंसियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

यह अभ्यास परियोजना के बैराज स्थल और टनल क्षेत्र में किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सुराईथोटा में बादल फटने की एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इस काल्पनिक घटना से जल स्तर में अचानक वृद्धि हुई। परिणामस्वरूप, ऑटोमेटेड फ्लड वार्निंग सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया।
सीआईएसएफ के समन्वय से भारतीय सेना ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया। आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ जैसी प्रमुख एजेंसियां भी शामिल थीं। पुलिस, अग्निशमन सेवा, आईबी और बीआरओ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भी अपना सहयोग दिया।

बचाव अभियान
मॉक ड्रिल में सुरंग के अंदर फंसे और लापता लोगों की तलाश की गई। नदी किनारे बचाव कार्य चलाकर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान एक विस्तृत रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया गया। अभ्यास के बाद सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की गई।

तैयारियों का महत्व
एनटीपीसी तपोवन के कार्यकारी निदेशक और परियोजना प्रमुख अजय कुमार शुक्ला ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमें अपने दायित्वों की सटीक जानकारी होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि राहत और बचाव कार्य कम से कम समय में पूरा किया जा सके। ऐसे अभ्यास भविष्य की आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने में सहायक होते हैं।

