पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को नवंबर माह तक झींझी पुल का निर्माण पूर्ण करने के दिए निर्देश, लोगों ने उठाई ये मांगें–
गोपेश्वर, 12 जून 2026: जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शुक्रवार को जनपद की दूरस्थ निजमुला घाटी का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों और जनसमस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिरही-निजमूला सड़क तथा निर्माणाधीन निजमुला-पाणा सड़क का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने बिरही-निजमूला मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित काली चट्टान क्षेत्र का जायजा लिया और ब्रिडकुल अधिकारियों को सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के साथ स्थायी समाधान के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटी के ग्रामीणों को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही। ब्यारा गांव के ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बाजार क्षेत्र में नाली निर्माण कराने के निर्देश भी दिए।

इसके बाद उन्होंने निजमूला-पाणा सड़क पर निर्माणाधीन झींझी पुल का निरीक्षण किया और पीएमजीएसवाई अधिकारियों को मानव संसाधन बढ़ाकर नवंबर तक पुल निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवीर बिष्ट, मोहन नेगी, गजेंद्र रावत, सामाजिक कार्यकर्ता भरत सिंह राणा, लक्ष्मण खाती, दुर्मी की प्रधान माहेश्वरी देवी, ईराणी की बीडीसी सदस्य सीमा नेगी,

पाणा के प्रधान राजीव पनियाल, ईराणी की प्रधान दीपा देवी, पगना की प्रधान देवकी देवी, गौणा की प्रधान सुनीता देवी, गाड़ी की प्रधान मंदोधरी देवी, ब्यारा के प्रधान राजेंद्र सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान बृज लाल, महेंद्र नेगी, प्रधान झींझीं मोहन नेगी, कर्ण सिंह फर्स्वाण, सदस्य क्षेत्र पंचायत दुर्मी दीपा देवी, बीरेंद्र कठैत, दुर्मी माहेश्वरी खाती, अवतार सिंह भरत सिंह राणा आदि जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों ने ये रखीं 30 मांगें–
– दुर्मी में आयोजित बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डीएम को क्षेत्र की समस्याओं के संबंध में दो ज्ञापन सौंपे। एक में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों जैसे दुर्मी ताल के पुनर्निर्माण, भैरव मंदिर गौणा तक पैदल मार्ग निर्माण, सप्तकुंड तक पैदल मार्ग निर्माण, नंदा-सुनंदा मार्ग (कर्जन मार्ग) का सौंदर्यीकरण सहित 14 मांगें शामिल हैं। वहीं क्षेत्रीय समस्याओं से संबंधित 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें सटेनाधार से ईराणी तक सड़क निर्माण, पाणा गांव के बीच शनि गदेरे में बाड़ सुरक्षा कार्य, झींझी पुल से झींझी गांव तक सड़क निर्माण, गेरख्वाल गेठ-पगना तक सड़क निर्माण, दुर्मी गांव में तेलीपाटा मुख्य सड़क से फबरकट्टा तक सड़क निर्माण, पलेठा से धारकुमाला तक सड़क निर्माण, गौणा बगड़ से गौणा गांव तक भनाली तोक तक सड़क निर्माण, ब्यारा-हडुंग-मानुरा-तड़ग ताल तक सड़क निर्माण जीआईसी निजमुला के पीछे भू धंसाव रोकथाम के लिए उपाय, गाड़ी गांव से नेवा-सैंजी तक सड़क निर्माण, निजमुला घाटी में पशु चिकित्सालय की स्थापना सहित अन्य मांगें शामिल रही।

