ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने की आशंका, दुकानों में घुसा मलबा; राहत-बचाव की मांग–
नारायणबगड़, 26 जून 2026: बृहस्पतिवार रात हुई भारी बारिश ने नारायणबगड़ बाजार में तबाही मचा दी। अचानक आए मलबे और तेज बहाव से बाजार क्षेत्र प्रभावित हो गया, जिससे कई छोटे वाहन मलबे में दब गए। घटना के दौरान लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। मलबा दुकानों में घुसने से व्यापारियों का कीमती सामान भी नष्ट हो गया है।

बृहस्पतिवार रात नारायणबगड़ ब्लॉक मुख्यालय में हुई अतिवृष्टि के बाद जीआईसी परिसर के पीछे जंगल से पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा बहकर विद्यालय परिसर में घुस गया। मलबे ने तीन कक्षा कक्षों की दीवारें तोड़ दीं और छात्रावास सहित पूरे परिसर को प्रभावित किया। विद्यालय कार्यालय, प्रधानाचार्य कक्ष समेत कई कमरे मिट्टी और पत्थरों से भर गए। इंटर कॉलेज और अस्पताल के बीच बने नाले से आया मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर फैल गया, जिससे करीब एक दर्जन दुकानों में मलबा घुस गया तथा कई दोपहिया और हल्के चारपहिया वाहन आंशिक रूप से दब गए। रात में राजमार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहन फंस गए थे। शुक्रवार सुबह बीआरओ ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग सुचारू कराया। उधर, भारी बारिश से गौचर बाजार में भी जलभराव की स्थिति बन गई। कई दुकानों में पानी और मलबा घुसने से नुकसान हुआ तथा सुबह व्यापारी सफाई में जुटे रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने जैसी घटना के कारण निचले इलाकों में भारी मात्रा में मलबा पहुंचा। बरसात का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले ही क्षेत्र में आपदा जैसे हालात बन गए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता राकेश रावत ने चमोली जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने और मलबे में दबे वाहनों को निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। क्षेत्र में पूर्व वर्षों में भी ऐसी आपदाएं हो चुकी हैं।

