जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में किया प्रदर्शन, जिला विकास प्राधिकरण की ओर से लगाई जा रही रोक हटाने की मांग उठाई
गोपेश्वर, 1 जुलाई 2026: रुद्रनाथ-गोपीनाथ मंदिर क्षेत्र के आसपास निजी भूमि पर आवास निर्माण और पैतृक भवनों के पुनर्निर्माण पर लगाई जा रही रोक के विरोध में बुधवार को गोपेश्वर गांव के मूल निवासियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र के 300 मीटर दायरे में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध के कारण स्थानीय लोगों को अपने आवास बनाने और पुराने जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई परिवार पीढ़ियों से निवास करते आ रहे हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था के चलते उन्हें अपने ही गांव में भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिल पा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदन लंबे समय से लंबित हैं। इसके कारण लोगों के निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई परिवारों को असुविधा झेलनी पड़ रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि मूल गोपेश्वर गांव और मंदिर से जुड़े हक-हकूकधारी परिवारों के क्षेत्र को आवासीय जोन घोषित किया जाए। साथ ही स्थानीय निवासियों को अपनी निजी भूमि पर आवास निर्माण और पैतृक भवनों के पुनर्निर्माण के लिए जटिल अनुमति प्रक्रिया से राहत दी जाए। ग्रामीणों ने सील किए गए भवनों को अनसील करने की भी मांग उठाई।
प्रदर्शन में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा पासवान, पूर्व सभासद नवल भट्ट, आचार्य महादेव भट्ट, सुशीला सेमवाल, चंद्रकला बिष्ट, शांति प्रसाद भट्ट, पुष्पा नेगी, महेंद्र नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

