एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जाएगी
गोपेश्वर/बदरीनाथ, 4 जुलाई 2026: बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के एक कर्मचारी पर लगे आर्थिक हेराफेरी के आरोपों की जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए बीकेटीसी ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर गठित जांच समिति में विधि अधिकारी, वित्त नियंत्रक, प्रभारी अधिकारी (केदारनाथ) तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को शामिल किया गया है। समिति आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल के लिए विभागीय स्तर पर एक अलग आंतरिक टीम भी बनाई गई है।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि जांच को साक्ष्य आधारित बनाने के लिए मंदिर परिसर की पिछले 40 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी गई है। आवश्यकता पड़ने पर इन फुटेज का परीक्षण कर घटनाक्रम और संबंधित तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति को जांच के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने बीकेटीसी के सीईओ को ज्ञापन भेजकर मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में अनियमितताओं और आर्थिक हेराफेरी के आरोप लगाए थे। उन्होंने संबंधित कर्मचारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। बीकेटीसी का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

