चार दिन में बीकेटीसी के किसी भी पदाधिकारी के बदरीनाथ न पहुंचने पर आंदोलन की दी चेतावनी–
बदरीनाथ, 10 जुलाई 2026: बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी के मामले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद भी बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के किसी जिम्मेदार पदाधिकारी के धाम में न पहुंचने से बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति ने नाराजगी जताई है।
शनिवार को बदरीनाथ धाम में समिति के पदाधिकारियों ने एक होटल में बैठक की। समिति के सदस्यों ने कहा कि मंदिर से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है, लेकिन बीकेटीसी की ओर से अब तक गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि मंदिर कर्मचारी पर लगे आरोपों से बदरीनाथ धाम की छवि प्रभावित हो रही है और श्रद्धालुओं में गलत संदेश जा रहा है।
समिति ने मांग की कि बीकेटीसी जल्द से जल्द पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे प्रकरण पर चर्चा करे और व्यवस्थाओं को लेकर ठोस कदम उठाए। सदस्यों का कहना है कि धाम की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सबसे जरूरी है।
बैठक में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बीकेटीसी की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के संचालन की अलग-अलग व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने दोनों धामों के लिए स्वतंत्र समितियां गठित करने का सुझाव दिया, जिसमें जिलाधिकारी को अध्यक्ष तथा हक-हकूकधारियों को उपाध्यक्ष और सदस्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आएगी और खर्चों में भी कमी होगी।
बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति की अध्यक्षता कर रहे पीतांबर मोल्फा ने कहा कि यदि चार दिनों के भीतर बीकेटीसी समिति के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता नहीं करती है तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में विनीत पंवार, मनदीप भंडारी, दिनेश राणा, विशेश्वर नैथानी, रामनारायण भंडारी और विनोद डिमरी समेत कई लोग मौजूद रहे।

