भुली परियोजना में नवाचार और स्वरोजगार के लिए किया गया सम्मानित, मलारी की नीतिका देवी के भोजपत्र उत्पादों ने बटोरी सराहना–
गोपेश्वर, 15 जुलाई 2026: उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूएसआरएलएम) एवं आईआईएम काशीपुर के सहयोग से संचालित भुली(Business & HandholdingUnitforLivelihoodIncubation) परियोजना के शुभारंभ अवसर पर चमोली जिले की पांच स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन महिलाओं ने स्वरोजगार के क्षेत्र में नवाचार कर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सम्मानित होने वाली महिलाओं में दशोली विकासखंड की नीरजा देवी, जोशीमठ विकासखंड के अंतिम गांव मलारी की दमयंती देवी और रश्मि देवी, कर्णप्रयाग विकासखंड की कमला देवी तथा गैरसैंण विकासखंड की सावित्री देवी शामिल हैं। कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्वरोजगार अपनाकर लखपति दीदी बनने का सफर तय किया।

किसी ने पहाड़ी उत्पादों के विपणन, किसी ने ऊनी वस्त्र निर्माण, मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन, वैजयंती माला और अन्य पारंपरिक उत्पादों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। वहीं मलारी की नीतिका देवी ने विलुप्त होती भोजपत्र कला को आधुनिक स्वरूप देकर उसे बाजार तक पहुंचाया, जिसकी विशेष सराहना की गई।
महिलाओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। उन्होंने अन्य ग्रामीण महिलाओं से भी स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की अपील की।

