मेडिकल कॉलेज, विज्ञान संकाय, मिनी स्टेडियम और कृषि प्रशिक्षण केंद्र सहित 11 प्रमुख मांगें उठाईं–
गोपेश्वर, 17 जुलाई 2026: वर्ष 2024 में मॉडल विलेज घोषित किए गए ग्राम मैठाणा के समग्र विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन सौंपकर लंबित विकास योजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि शासन-प्रशासन ने वर्ष 2024 में मैठाणा को मॉडल विलेज घोषित किया था, लेकिन अब तक गांव में मॉडल विलेज की अवधारणा के अनुरूप विकास कार्य धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। ग्रामवासियों ने मांग की है कि मॉडल विलेज के लिए प्रस्तावित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर उनका शीघ्र क्रियान्वयन कराया जाए।
ज्ञापन में वर्ष 2018 में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के दौरान क्षतिग्रस्त किए गए स्मृति द्वार (स्मृति गेट) का पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही राजकीय इंटर कॉलेज मैठाणा में विज्ञान संकाय (साइंस स्ट्रीम) शुरू करने, गांव को मैठाणा बाजार एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण कराने और गांव में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामवासियों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने को भी वे तैयार हैं।
इसके अलावा गांव में कृषि इकाई एवं कृषि प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, अलकनंदा नदी किनारे स्थित खेल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने, खेल मैदान को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए मोटर मार्ग बनाने, क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों का पुनर्निर्माण कराने तथा गांव में झूल रही और असुरक्षित विद्युत लाइनों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने तथा 1992 में निर्मित अंबेडकर भवन के पुनर्निमाण की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
ग्रामवासियों ने मैठाणा को सेमलड गांव से जोड़ने वाले मोटर मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा गांव के सतत विकास के लिए अन्य आवश्यक विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की मांग की है।
ज्ञापन पर ग्राम प्रधान ज्योति देवी, भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. जसवंत लाल, राधेश्याम, सहित ग्रामवासियों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से जनहित से जुड़े इन विकास कार्यों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि मॉडल विलेज घोषित ग्राम मैठाणा का समुचित एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

