उत्तराखंड: विकास और संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं: सीपी राधाकृष्णन–

by | Aug 19, 2026 | देहरादून, राष्ट्रीय | 0 comments

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आईजीएनएफए में आईएफएस के अ​धिकारियों को किया संबो​धित–

देहरादून, 19 अगस्त 2026: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी विकसित भारत@2047 के निर्माण में देश के वन और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने भारतीय वन सेवा के योगदान को देश की पारिस्थितिक सुरक्षा और वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि दोनों को साथ लेकर चलना संभव है। अधिकारियों को संरक्षण, विकास, पारिस्थितिक सुरक्षा और आजीविका के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय टीम भावना और सामूहिक उत्कृष्टता पर जोर दिया। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की जरूरत बताई। उन्होंने रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा आधारित प्रणालियों का क्षेत्रीय अनुभव के साथ इस्तेमाल करने को कहा।

उन्होंने सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी को अनिवार्य बताते हुए कहा कि अधिकारियों का कॅरिअर वनों की बहाली, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों का विश्वास हासिल करने से आंका जाना चाहिए। उन्होंने वन सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बदलाव बताते हुए वर्तमान बैच में करीब 17 प्रतिशत महिला अधिकारियों की मौजूदगी का उल्लेख किया। उन्होंने अधिकारियों से राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।

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