सिद्धपीठ कुरुड़ में उमड़ा आस्था का सैलाब, जागरों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा मंदिर परिसर–
नंदानगर (चमोली), 4 सितंबर 2026: सिद्धपीठ कुरुड़ में मां नंदा की बड़ी जात यात्रा को लेकर आस्था और उमंग का माहौल चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को मां नंदा की डोलियां भक्तों को दर्शन देकर भावुक पलों के बीच कैलाश के लिए विदा होंगी। मां नंदा की डोलियों के दर्शनों के लिए शुक्रवार को कुरुड़ मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। मंदिर परिसर मां नंदा के जयकारों से गूंजता रहा।
शुक्रवार को कुरुड़ मंदिर में दिनभर मां नंदा की विशेष पूजाएं होती रहीं। कुरुड़ के साथ ही विभिन्न गांवों से पहुंची महिलाओं ने मां नंदा के जागर गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं ने ‘जागी नंदा, पाणी का पवाणा’, ‘नंदा गौरा कुरुड़धामे की’, ‘जात जाली डोली मां बैठीकी’ और ‘सुफलह्वे जाया मेरी नंदा भवानी’ सहित कई पारंपरिक गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।

वहीं, मंदिर परिसर के समीप चल रहे तीन दिवसीय नंदा मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। विभिन्न गांवों से पहुंची महिला मंगल दलों ने पारंपरिक गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला मंगल दल बांजबगड़, सुतोल, बिजार, पुणकिला, कुरुड़ और ल्वाणी के साथ ही नंदानगर क्षेत्र की महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
मेले के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट रहे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे जिला पंचायत सदस्यों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मेला समिति की अध्यक्ष हिमा देवी, बड़ी जात समिति के अध्यक्ष कर्नल (सेनि.) हरेंद्र सिंह रावत, कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला, जिला पंचायत सदस्य थाला-बैड़ वीरेंद्र राणा, विद्या भारती, दिनेश बिष्ट, साक्षी नेगी, विक्रम कठैत, बलवीर नेगी, पूर्व प्रमुख कर्ण सिंह, राकेश गौड़, सत्यप्रसाद गौड़, सुषमा नेगी, देवेंद्र सिंह, बख्तावर सिंह, महिला मंगल दल अध्यक्ष पुष्पा नेगी और अनीषा बिष्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।
विदाई के भावुक पलों का साक्षी बनेगा कुरुड़
शनिवार को मां नंदा की डोलियांकुरुड़ मंदिर से कैलाश के लिए रवाना होंगी। डोली की विदाई के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मां नंदा को विदा करने के लिए भक्तों में उत्साह के साथ ही भावुकता का माहौल है। जयकारों और पारंपरिक लोकगीतों के बीच मां नंदा की डोली कैलाश की ओर प्रस्थान करेगी।

