गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के गोपेश्वर परिसर में बुधवार को श्री शतचंडी जन कल्याण समिति की ओर से वर्ष 2021 का देवभूमि प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस वर्ष का देवभूमि प्रतिभा सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में श्रीगुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डा. यूएस रावत को भेंट किया गया, जबकि साहित्य के क्षेत्र में मातृभाषा गढ़वाली की संवेदनशील कवियत्री बीना बेंजवाल को दिया गया। कला के क्षेत्र में गढ़वाल चित्रकला शैली के कलाकार अंशु मोहन शर्मा, संस्कृति के क्षेत्र में लोक गायक किशन महिपाल और पर्यटन तथा पर्यावरण के क्षेत्र में सैर-सलीका की अवधारणा को प्रचलन में लाने वाले डॉक्टर सर्वेश उनियाल को प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में कई नामी-गिरामी हस्तियां पहुंची हुई थी। श्री शतचंडी जन कल्याण समिति के सचिव नितेश तिवारी और देवभूमि प्रतिभा सम्मान समारोह के संयोजक गणेश खुगशाल गणी ने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में अद्वितीय कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित कर आज हम गौरान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी आगंतुकों का आभार जताया। सर्वोदयी नेता मुरारी लाल ने कहा कि पहाड़ में कई हस्तियां मौजूद हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा बिखेर रहे हैं।
श्री गुरुराम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डा. यूएस रावत देवभूमि प्रतिभा सम्मान से नवाजे–
by laxmi Purohit | Dec 8, 2021 | चमोली, रचनात्मक, सामाजिक कार्य | 0 comments

Latest News
बिना डीएल और जरूरी दस्तावेजों के वाहन दौड़ा रहा चालक गिरफ्तार, वाहन सीज-- पोखरी (चमोली)। सड़क...
पुलिस लाइन में पुष्पचक्र अर्पित कर दो मिनट का रखा मौन-- गोपेश्वर। राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर...
अक्षत नाट्य संस्था के कलाकार लोकगीतों और नाटकों के जरिए ग्रामीणों को कर रहे जागरूक-- गोपेश्वर/देवाल।...
विजयदशमी पर घोषित हुई कपाट बंद होने की तिथि, 12 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं-- बदरीनाथ। विजयदशमी...
शरदोत्सव मेला मंच पर पहुंची देवी की यात्रा, भक्तों को दिया आशीर्वाद पोखरी (चमोली)। चमेठी गांव की मां...
खुशियों भरे सफर में छा गई चिंता, गुम हो गए थे₹14 लाख के जेवर, पुलिस ने ढूंढकर दिए-- चमोली। शादी की...
देवलधार के ज्वाला देवी मंदिर में भोग पूजा के बाद गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर पहुंची डोली, अब छह माह...
कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए होगा शिविर का आयोजन, 150 से अधिक दिव्यांगजनों का हुआ...
अन्नकूट, घी और श्वेत कंबल से स्वयंभू लिंग को दी समाधि, शिव भक्तों ने लगाए जयकारे-- गोपेश्वर, 17...
