प्रसिद्घ तीर्थ हेमकुंड साहिब बर्फ से ढका, गुरुद्वारा प्रबंधन की टीम भी आधे रास्ते से लौटी–

by | Mar 6, 2022 | आस्था, चमोली | 0 comments

रास्ते में भी जगह-जगह पर आए हैं ग्लेशियर, घांघरिया तक भी नहीं पहुंच पाई गुरुद्वारा कमेटी की टीम–

चमोलीः हिमालय क्षेत्र में स्थित प्रसिद्घ हेमकुंड साहिब धाम इन दिनों चारों ओर से बर्फ से ढका हुआ है। यहां की पर्वत चोटियां भी बर्फ से लकदक हैं। हेमकुंड साहिब का दस किलोमीटर आस्था पथ भी अभी कई फीट बर्फ से ढका हुआ है। घांघरिया और हेमकुंड साहिब में बर्फ से हुए नुकसान का जायजा लेन जा रही गुरुद्वारा प्रबंधन की टीम भी भारी बर्फबारी के चलते भ्यूंडार गांव से आगे नहीं बढ़ पाई है, जिस कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। अब गुरुद्वारा प्रबंधन की टीम 15 मार्च के बाद घांघरिया के लिए रवाना होगी।

हेमकुंड साहिब के कपाट प्रतिवर्ष 25 मई को श्रद्घालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। पिछले दो सालों से कोरोना संक्रमण के चलते हेमकुंड साहिब के कपाट समय पर नहीं खोले जा सके। हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए 3 मार्च को गोविंदघाट गुरुद्वारे से गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह, राजदेव मेहता और गुरुद्वारे के तीन सेवादार घांघरिया के लिए रवाना हुए। लेकिन आस्था पथ पर भारी बर्फ जमी होने के कारण टीम को आधे रास्ते से ही लौटना पड़ा। सरदार सेवा सिंह ने बताया कि भ्यूंडार गांव से ही बर्फ के दर्शन हो रहे हैं।

रामडुंगी तक आस्था पथ पर लगभग दो से तीन फीट तक बर्फ जमी है। यहां रास्ते में करीब चार मीटर ऊंचा हिमखंड भी पसरा हुआ है। घांघरिया हेलीपेड पर भी दो से ढाई फीट तक बर्फ जमी है। घांघरिया में भी लगभग छह फीट तक बर्फ जमी हुई है। यहां गुरुद्वारा परिसर पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है। उन्होंने बताया कि अब टीम दोबारा 15 मार्च के बाद घांघरिया में निरीक्षण को जाएगी। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी को उम्मीद है कि इस बार हेमकुंड साहिब में लाखों श्रद्घालु पहुंचेंगे, जिसे देखते हुए गोविंदघाट गुरुद्वारे में अभी से यात्रा की तैयारियां शुरू होने लगी हैं। दो साल तक कोरोना संक्रमण के बाद इस बार तीर्थया‌त्रा के बेहतर चलने की उम्मीद है। 

Latest News

कार्रवाई: नशे में वाहन चलाना पड़ा अगस्त्यमुनि के युवा को भारी–

बिना डीएल और जरूरी दस्तावेजों के वाहन दौड़ा रहा चालक गिरफ्तार, वाहन सीज-- पोखरी (चमोली)। सड़क...

चमोली: पुलिस स्मृति दिवस पर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि–

पुलिस लाइन में पुष्पचक्र अर्पित कर दो मिनट का रखा मौन-- गोपेश्वर। राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर...

चमोली: दुर्गम गांवों में नुक्कड़ नाटकों से सरकारी योजनाओं की अलख–

अक्षत नाट्य संस्था के कलाकार लोकगीतों और नाटकों के जरिए ग्रामीणों को कर रहे जागरूक-- गोपेश्वर/देवाल।...

जय बदरीविशाल: 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद होंगे बदरीनाथ मंदिर के कपाट–

विजयदशमी पर घोषित हुई कपाट बंद होने की तिथि, 12 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं-- बदरीनाथ। विजयदशमी...

आस्था: 251 साल बाद नौ माह की बन्याथ यात्रा पर निकलीं मां चंडिका–

शरदोत्सव मेला मंच पर पहुंची देवी की यात्रा, भक्तों को दिया आशीर्वाद पोखरी (चमोली)। चमेठी गांव की मां...

चमोली: भाई की शादी में जा रही बहनों के गहने हुए गुम, पुलिस ने रात एक बजे बैग खोजकर जीता परिवार का दिल–

खुशियों भरे सफर में छा गई चिंता, गुम हो गए ​थे₹14 लाख के जेवर, पुलिस ने ढूंढकर दिए-- चमोली। शादी की...

चमोली: शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हुए रुद्रनाथ भगवान–

देवलधार के ज्वाला देवी मंदिर में भोग पूजा के बाद गोपेश्वर के गोपीना​थ मंदिर पहुंची डोली, अब छह माह...

चमोली: गौचर में 31 अक्टूबर से लगेगा तीन दिवसीय विशेष दिव्यांग शिविर, प्रचार रथ रवाना–

कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए होगा शिविर का आयोजन, 150 से अधिक दिव्यांगजनों का हुआ...

जय रुद्रेश: विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हुए रुद्रनाथ मंदिर के कपाट–

अन्नकूट, घी और श्वेत कंबल से स्वयंभू लिंग को दी समाधि, ​शिव भक्तों ने लगाए जयकारे-- गोपेश्वर, 17...
error: Content is protected !!