चमोलीः इन अधिकारियों को नहीं इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की जानकारी–
विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के संवाद कार्यक्रम में बिना तैयारी के पहुंचे अधिकारी–
गोपेश्वरः विद्युत वितरण खंड गोपेश्वर के कार्यालय में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में कई अधिकारी बिना तैयारी के पहुंच गए। अधिकारियों को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के बारे में तक जानकारी नहीं थी। जिस पर मंच के सदस्य शशि भूषण मैठाणी ने नाराजगी व्यक्त कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देना ही विभाग का दायित्व है।
आगामी बैठक में अधिकारी पूरी तैयारी के साथ पहुंचे। गोपेश्वर स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय सभागार में उपभोक्ताओं और अधिकारियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान चमोली, गोपेश्वर, नंदप्रयाग और जोशीमठ के उपभोक्ताओं की दर्ज शिकायतों का मौके पर सुनवाई व निस्तारण भी किया गया। मंच के सदस्य शशि भूषण मैठाणी ने कहा कि पौने तीन साल से मंच समय-समय पर उपभोक्ताओं और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित करते आ रहा है, बावजूद इसके उपभोक्ताओं की समस्याओं का निवारण नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कई अधिकारियों को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के बारे में पूछा, तो अधिकारी बगलें झांकने लगे। मैठाणी ने कहा कि उपभोक्ताओं को उत्कृष्ट सेवा देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिबद्ध होना पड़ेगा, अधिकारियों को विद्युत अधिनियम को गंभीरता से पढ़ने और समझने चाहिए। अधिकांश उपभोक्ताओं को अभी भी एनए (मीटर रीडिंग नहीं) के बिल भेजे जा रहे हैं, जबकि अब विद्युत मीटर घरों के बाहर लगे हुए हैं। उन्होंने इसे विभाग की गंभीर लापरवाही बताया।
मंच के तकनीकी सदस्य भूपेंद्र कनेरी ने कहा कि शिकायत निवारण मंच उपभोक्ताओं के हितों के लिए गठित है। उपभोक्ताओं की ओर से लगातार शिकायतें मंच के समक्ष दर्ज की जा रही हैं, लेकिन ऊर्जा निगम इन समस्याओं को दूर करने में नाकाम साबित हो रहा है। इस मौके पर सहायक अभियंता अंकित रावत, दीपक राणा, लेखाकार बीएस फोनिया, कार्यालय अधीक्षक हरिकृष्ण पुरोहित, कांति पंवार, शिव प्रसाद गौड़, रंजना बड़वाल आदि मौजूद रहे।

