20 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, यात्रा मार्ग से 20 अप्रैल से बर्फ हटाने का काम होगा शुरू
जोशीमठः सात शिखरों के बीच में स्थित पवित्र तीर्थ धाम हेमकुंड साहिब के कपाट इस साल 20 मई को खोले जाएंगे। 20 अप्रैल से सेना के जवान यात्रा मार्ग पर बिछी बर्फ को हटाने में जुट जाएंगे। बृहस्पतिवार को सेना का एक दल हेमकुंड साहिब में बर्फबारी का जायजा लेने हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होगा।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बुधवार को देहरादून में मुख्य सचिव डा. एसएस संधु से मुलाकात की। वार्ता के बाद निश्चय किया गया कि प्रदेश सरकार के सहयोग से इस साल की यात्रा 20 मई से शुरू कर दी जाएगी। बताया कि हर साल यात्रा से पूर्व आस्था पथ से बर्फ हटाने में भारतीय सेना के जवान सेवा देते हैं। इस साल 20 अप्रैल सेना के जवान घांघरिया के लिए प्रस्थान करेंगे। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट यात्रा प्रबंधन की तैयारियों में जुटा है।
यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। बताया कि संगतों की संख्या में बढोतरी को देखते हुए यात्रा के मुख्य पड़ावों पर विश्राम के लिए हॉल और कमरों की व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए लंगर, पानी और स्वास्थ्य की भी व्यवस्था की जा रही है।
गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सेना के जवानों का एक दल हेमकुंड साहिब में बर्फबारी का जायजा लेने हेमकुंड साहिब जाएगा। हेमकुंड साहिब के अटलाकुड़ी से हेमकुंड साहिब तक आस्था पथ पर बर्फ बिछी हुई है। अटलाकुड़ी में एक भारी भरकम हिमखंड भी आया हुआ है।

