टनल के बाहर बाबा बौखनाग का मंदिर बनवाया गया, मंगेशघिल्डियाल ने किया मंदिर स्थापित, 162 घंटे से टनल में फंसे 41 मजदूर–
उत्तरकाशी: पिछले 162 घंटे से अधिक समय से सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों की सलामती के लिए सुरंग के पास ही बाबा बोखनाग का मंदिर स्थापित कर दिया गया है। पीएमओ के उपसचिव मंगेशघिल्डियाल ने इस मंदिर को स्थापित कराया है। रेस्क्यू ऑपरेशन टीम ने बाबा बौखनाग से सहायता मांगी है। स्थानीय लोगों ने भी यही कहा। बाबा बौखनाग यहां के भूमियाल हैं और आराध्य देवता हैं।
इनकी कृपा दृष्टि बनीं तो मजदूरों को सकुशल सुरंग से बाहर निकाला जा सकता है। पिछले एक सप्ताह से सुरंग में फंसे मजदूर पल-पल मर रहे हैं। भगवान से जिंदगी की भीख मांग रहे हैं। जबकि सुरंग के बाहर फंसे मजदूरों के परिजन अपनों को बचाने की दुआ मांग रहे हैं। शनिवार को सुरंग के बाहर पीएमओ के उपसचिव मंगेशघिल्डियाल ने बाबा बौखनाग का मंदिर स्थापित कर उनसे ऑपरेशन की सफलता के लिए आशीर्वाद भी मांगा है। क्योंकि अभी तक ऑपरेशन फेल रहा है। मंगेशघिल्डियाल ने यहां स्थापित किए मंदिर में अधिकारियों के साथ पूजा अर्चना भी की।
रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने का आशीर्वाद मांगा, बाबा बौखनाग के पुजारी सोहन लाल अवस्थी बताते हैं कि यह पूरा क्षेत्र बाबा बौखनाग की धरती है। वे यहां के भूमियाल हैं। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के बाहर पहले बौखनाग बाबा का मंदिर था, उस मंदिर को निर्माण एजेंसी ने हटवा दिया था। वहीं, मजदूरों की कुशलता के लिए उत्तरकाशी में गंगा आरती भी की गई।


