आस्था: बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया हुई शुरू, गणेश मंदिर के कपाट हुए बंद–

आस्था: बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया हुई शुरू, गणेश मंदिर के कपाट हुए बंद–

बदरीनाथ धाम में पंच पूजाएं शुरु, 25 नवंबर को बंद हो जाएंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, शीतकाल में देवता संभालेंगे पूजा की जिम्मेदारी-- बदरीनाथ, 21 नवंबर 2025: बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। शुक्रवार से धाम में पंच पूजाएं शुरु हो गई हैं। शुक्रवार...

गोपीनाथ मंदिर में थानाध्यक्ष ही लगे श्रद्घालुओं को नियंत्रित करने में– 

गोपीनाथ मंदिर में थानाध्यक्ष ही लगे श्रद्घालुओं को नियंत्रित करने में– 

शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्तों ने शिवालयों में किया जलाभिषेक और अर्पित की बेलपत्री-- चमोलीः महाशिवरात्रि पर चमोली जनपद के शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। गोपेश्वर के प्रसिद्घ गोपीनाथ मंदिर में सुबह पांच बजे से ही भक्तों का तांता लगा हुआ...

महाशिवरात्रि पर्व पर घोषित हुए भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि– 

महाशिवरात्रि पर्व पर घोषित हुए भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि– 

पढ़ें कब खुल रहे हैं केदारनाथ धाम के कपाट, बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे आठ मई को--  रुद्रप्रयागः 11वें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष में शुक्रवार 6 मई को प्रात: 6 बजकर 25 मिनट पर वृश्चिक लग्न में श्रद्घालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। भगवान श्री...

धर्म-कर्मः पांडवों ने किया था केदारनाथ मंदिर का निर्माण—

धर्म-कर्मः पांडवों ने किया था केदारनाथ मंदिर का निर्माण—

पढ़ें, कैसे पांडवों को दर्शन न देने के लिए भगवान शिव ने कर लिया था भैंसे का रुप धारण--  रुद्रप्रयागः उत्तराखंड का सबसे बड़ा शिव मंदिर केदारनाथ रुद्रप्रयाग जिले के अंतर्गत मंदाकिनी नदी के तट पर समुद्र तल से 3585 मीटर की ऊंचाई पर सुरम्य पर्वत श्रृंखलाओं की घाटी में...

छह महिने तक अपने ननिहाल में रहने के बाद अपने सिद्घपीठ कुरुड़ पहुंची मां नंदा–

छह महिने तक अपने ननिहाल में रहने के बाद अपने सिद्घपीठ कुरुड़ पहुंची मां नंदा–

विशेष पूजा-अर्चना के बाद अपने मंदिर में विराजमान हुई मां नंदा, भक्तों के जयकारों से नंदामय हो गया क्षेत्र--  नंदानगर। क्षेत्र की आराध्य देवी मां नंदा छह माह तक अपने ननिहाल देवराड़ा में रहने के बाद मां नंदा बृहस्पतिवार को कुरुड़ गांव में स्थित अपने सिद्घपीठ...

भोलेनाथ की शरण में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, टपकेश्वर महादेव मंदिर में किया भोलेनाथ का जलाभिषेक-

भोलेनाथ की शरण में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, टपकेश्वर महादेव मंदिर में किया भोलेनाथ का जलाभिषेक-

 प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की, कहा-कोरोना के प्रकोप से रहें सतर्क-- देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को सुबह टपकेश्वर मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्घि की कामना की। लोगो को कोरोना के प्रकोप से सतर्क...

टिम्मरसैंण गुफा में बर्फानी बाबा के दर्शनों को पहुंचने लगे श्रद्घालु–

टिम्मरसैंण गुफा में बर्फानी बाबा के दर्शनों को पहुंचने लगे श्रद्घालु–

दिल्ली सहित कई जगहों के पर्यटक पहुंचे टिम्मरसैंण, नीती घाटी में चारों ओर बिछी बर्फ को देख अभिभूत हो उठे पर्यटक-- चमोली। तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र के अंतिम गांव नीती के समीप स्थित टिम्मरसैंण गुफा में बाबा बर्फानी विराजमान हो गए हैं। इसी के साथ कई श्रद्घालु और पर्यटक भी...

द्रोपदी की लाज नृत्य नाटिका ने दर्शकों को किया भाव विभोर-

द्रोपदी की लाज नृत्य नाटिका ने दर्शकों को किया भाव विभोर-

गोपेश्वर में महिला पतंजलि योग समिति ने किया नृत्य नाटिका का आयोजन, महिलाओं ने निभाए सभी पात्रों के किरदार--  गोपेश्वर। गोपीनाथ मंदिर के समीप ही ‌रामलीला मैदान में महिला पतंजलि योग समिति की महिलाओं की ओर से द्रोपदी की लाज नृत्य नाटिका का मनमोहक मंचन किया गया।...

द्रोपदी की लाज नृत्य नाटिका ने दर्शकों को किया भाव विभोर-

द्रोपदी की लाज नृत्य नाटिका ने दर्शकों को किया भाव विभोर-

गोपेश्वर में महिला पतंजलि योग समिति ने किया नृत्य नाटिका का आयोजन, महिलाओं ने निभाए सभी पात्रों के किरदार--  गोपेश्वर। गोपीनाथ मंदिर के समीप ही ‌रामलीला मैदान में महिला पतंजलि योग समिति की महिलाओं की ओर से द्रोपदी की लाज नृत्य नाटिका का मनमोहक मंचन किया गया।...

पांडव लीला में गैंडा वध का हुआ मंचन, दर्शकों का उमड़ा हुजूम–

पांडव लीला में गैंडा वध का हुआ मंचन, दर्शकों का उमड़ा हुजूम–

पाखी गरुड़गांव गांव में नौ दिनों से चल रही पांडव लीला का अंतिम दिन-- पीपलकोटी। बदरीनाथ धाम के प्रवेश द्वार पाखी गरूड गंगा में आयोजित पांडव लीला में गेंडा वध का मंचन किया गया। सदियों से पहाडों में पांडवों के प्रति स्नेह और प्रेम रहा है। यही कारण है कि यहां पर प्रत्येक...

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