सुनहरे पल:अगस्त्यमुनि में ब्वै, ब्यारी, नौनी कौ​थिग में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साझा की बचपन की यादें–

by | Jan 28, 2024 | रचनात्मक, राजकाज, रूद्रप्रयाग | 0 comments

मुख्यमंत्री ने की महिलाओं की तारीफ, स्थानीय संस्कृति को जाना, रोड शो में जनता ने किया अ​भिनंदन–

अगस्त्यमुनि:पहाड़ी वेशभूषा से सजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार का पूरा दिन अगस्त्यमुनि में बिताया। यहां मुख्यमंत्री ने ब्वै, ब्वारी, नौनीकौथिग के दौरान महिलाओं के साथ चौलाई से तैयार महाप्रसाद बनाया और बचपन की यादें साझा की। शक्ति वंदन महोत्सव के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग में आयोजित ब्वै, ब्वारी, नौनीकौथिग के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न महिला समूहों के साथ विभिन्न क्रियाकलाप कर स्थानीय संस्कृति को जाना। श्री केदारनाथ धाम में एनआरएलएम के तहत काली माता स्वयं सहायता समूह एवं देवी धार स्वयं सहायता समूह के साथ महा प्रसाद बनाते हुए मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की यादें उनसे साझा की।

अगस्त्यमुनि में जनता का अ​भिवादन करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी-

हाथ से महाप्रसाद बनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बचपन में घर के कार्यों में खूब हाथ बटाया है। बचपन में वो त्योहारों के समय अपनी माता जी के साथ स्थानीय पकवान बनाने में खूब सहयोग करते थे। वहीं सिलबट्टे पर कई बार अपनी माता जी के साथ मिलकर नमक भी पीसा है। आटा गूँथने से लेकर जंगल में घास काटने तक में उन्होंने हमेशा हाथ बटाया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं से सरकार की महाप्रसाद योजना से जुड़ने के बाद आजीविका में हुए बदलाव की जानकारी भी ली।

महिला समूह की महिलाओं के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी-

रूरल बिजनेस इंक्यूबेटर की ओर से लगे स्टॉल पर शिल्पकार के उद्यमियों एवं स्वास्तिक स्वयं सहायता की महिलाओं के साथ मिलकर मुख्यमंत्री धामी ने स्टोन पेन्टिंग करते हुए उनकी संस्था की जानकारी ली। वहीं उन्नती क्लस्टर संगठन, कालीमठकोटमा की महिलाओं के स्टॉल पर कताई एवं बुनाई की। संगठन की अध्यक्ष सरिता देवी ने उन्हें हाथकरघा की पूरी विधि बताते हुए अपने संगठन की जानकारी दी। उन्होंने समूह के उत्पादों की सराहना करते हुए श्री केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर भी आउटलेट खोलने एवं पारंपरिक तरीके से बन रहे दोखे, शौल, टोपी आदि का खूब प्रचार करने को कहा।

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महिला समूहों ने केदारनाथ यात्रा के दौरान करीब 70 लाख रुपए से ज्यादा का किया कारोबार

केदारनाथ यात्रा से जुडे़ विभिन्न महिला समूहों ने पिछले वर्ष यात्रा के दौरान 70 लाख रुपए से ज्यादा का व्यापार किया था। अकेले चोलाई के प्रसाद से लगभग 65 लाख रूपए का व्यवसाय हुआ। इसके अलावा स्थानीय हर्बल धूप, चूरमा, बेलपत्री, शहद, जूट एवं रेशम के बैग आदि से पांच लाख रुपये की कमाई महिलाओं द्वारा की गई है। विभिन्न महिला समूहों से जुड़ी 500 से ज्यादा महिलाओं को इससे रोजगार भी मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के उत्थान को किए जा रहे प्रयासों को भी इससे बल मिला है। वहीं जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने अगली यात्रा में दो करोड़ रुपये का प्रसाद बेचने का लक्ष्य रखा है।

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