चमोली। उत्तराखंड के चमोली जनपद के माणा-तिब्बत क्षेत्र में 6416 मीटर के बलबला हिम शिखर पर आईटीबीपी के जांबाज हिमवीरों ने तिरंगा फहराया। यह पहली बार है, जब बलबला की चोटी पर आईटीबीपी के हिमवीरों ने तिरंगा फहराया है। हालांकि वर्ष 1947 में एक विदेशी पर्यटकों के एडवेंचर दल ने भी इस चोटी को फतह किया था, लेकिन तब तिरंगा नहीं फहराया गया था। आईटीबीपी के चार हिमवीर चोटी फतह करने में सफल रहे। भारत तिब्बत सीमा पुलिस की पहली बटालियन सुनील के चार जांबाज पर्वतारोहियों के साथ ही स्थानीय ग्रांड एडवेंचर की प्रभारी और दल के मुख्य गाइड राजेंद्र सिंह मार्तोलिया ने इस शिखर को फतह किया है। यह चोटी बहुत खतरनाक मानी जाती है। यही कारण है कि 74 साल तक कोई भी इसे फतह करने में सफल नहीं रहा। आईटीबीपी की तरफ से बताया गया कि पीक को जहां से फतह करना था वहां चढ़ने के लिए फेस नहीं था। बाद में जिस रास्ते स्विट्जरलैंड का पर्वतारोही दल गया था उसी रास्ते से जवानों को भी चोटी फतह करनी पड़ी। दल में शामिल 46 सदस्यों में चोटी को फतह करने वालों में कंपनी कमांडर भीम, सिपाही प्रवीण, सिपाही प्रदीप, सिपाही सुनील, पर्वतारोही गाइड राजेंद्र सिंह मर्तोलिया शामिल थे। अन्य बेस कैंप पर ही रुके रहे।
बलबला की चोटी पर पहली बार फहराया गया तिरंगा, आप भी जानें चमोली में कहां है यह बलबला चोटी–
by laxmi Purohit | Sep 6, 2021 | चमोली, साहसिक यात्रा | 0 comments

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