चमोली। पर्वतारोह के लिए माउंट त्रिशूल (7120 मीटर) पर गए नौ सेना के पर्वतारोहियों के दल में 13 साल की काम्या कार्तिकेयन भी शामिल थी। इस साहसिक यात्रा में जाने का उत्साह काम्या का सुतोल गांव में ही देखने को मिल गया था। काम्या ने गांव में स्थानीय लोगों को बताया था कि वह महिलाओं के सामने मिशाल कायम करे। पिछले साल काम्या दक्षिण अफ्रिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट एकांकागुआ (7000 मीटर) को फतह कर चुकी है। लेकिन शुक्रवार को सुबह पांच बजे माउंट त्रिशूल से करीब 500 मीटर पहले कैंप थ्री पर अचानक एवलांच आने से दल के कैंप भी तबाह हो गए हैं। घटना में दल के पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। काम्या और उसके पिता कार्तिकेयन सुंदरम कहां है, किस हालत में है, इसका किसी को भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है। चमोली जनपद के वन विभाग और जिला प्रशासन को दल की ओर से पर्वतारोहण की कोई सूचना नहीं दी गई थी। जिससे वन विभाग के अधिकारियों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि दल में कौन-कौन लोग शामिल थे, उनका टूर प्रोग्राम क्या था आदि। चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि घटना की सूचना के बाद एनडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू के लिए तैयार किया गया है, गौचर में हेलीकॉप्टर को भी अलर्ट कर दिया गया है। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक से चार लोगों को माउंट त्रिशूल के पर्वतारोहण की अनुमति मिली थी। इनमें नौ सेना के कमांडर कार्तिकेयन सुंदरम, उनकी 13 वर्षीय बेटी काम्या कार्तिकेयन, निहार संदीप शौले और आदित्य गुप्ता शामिल थे। काम्या का त्रिशूल फतह करने का सपना फिलहाल अधूरा ही रह गया है। अब शनिवार को निम और भारतीय सेना का दल ट्रेकिंग और हवाई मार्ग से प्रभावित क्षेत्र में पहुंचेगा, उसके बाद ही हादसे की जानकारी मिल सकेगी। यह भी तभी संभव है, जब प्रभावित क्षेत्र में मौसम सामान्य होगा।
13 साल की काम्या कहां है, किस हालत में है, कुछ पता नहीं चल पा रहा है, सुबह पांच बजे आया एवलांच, पढें पूरी खबर–
by laxmi Purohit | Oct 1, 2021 | चमोली, साहसिक यात्रा | 0 comments

Latest News
कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए होगा शिविर का आयोजन, 150 से अधिक दिव्यांगजनों का हुआ...
अन्नकूट, घी और श्वेत कंबल से स्वयंभू लिंग को दी समाधि, शिव भक्तों ने लगाए जयकारे-- गोपेश्वर, 17...
विभिन्न मांगों को लेकर अधिकारी-कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार कर किया धरना-प्रदर्शन, जिलाधिकारी के...
वन टाइम सेटलमेंट और समान वेतन की मांग को लेकर अस्थाई कर्मचारियों का चौथे दिन भी धरना जारी-- बदरीनाथ...
बदरीनाथ धाम में आंदोलन कर रहे कर्मचारियों को जगी उम्मीद, उच्च स्तरीय बैठक में रखा जाएगा प्रकरण...
जिले में 800 काश्तकार 62 हेक्टेयर भूमि पर कर रहे कीवी का उत्पादन-- गोपेश्वर। उत्तराखंड के सीमांत...
बदरीनाथ मंदिर सिंहद्वार के बाहर धरना-प्रदर्शन कर की नारेबाजी, श्रीबदरीश पंचायत और बीकेटीसी सदस्यों...
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले, आज अंडर-17 और अंडर-19 के फाइनल...
बदरीनाथ में 20.32 लाख और केदारनाथ में 17.29 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन-- गोपेश्वर। चारधाम...
