पौणा नृत्य के साथ शुरु हुआ तीन दिवसीय जनजाति समागम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम–

by | Feb 19, 2026 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

जिला पंंचायत अध्यक्ष ने की भोटिया पड़ावबेडूबगड़ में जनजाति के गेस्ट हाउस निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा–

गोपेश्वर। पौणा नृत्य के साथ बेडूबगड़ में तीन दिवसीय जनजाति समागम 2026 का रंगारंग आगाज जो गया है। समागम में दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची भोटिया जनजाति की महिलाओं ने वि​भिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में भोटिया जनजाति के उत्थान, सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और युवाओं कोे अपनी संस्कृति से रुबरु कराने पर चर्चा हुई।

सुबह 10 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर यूएस रावत ने दीप प्रज्वलित कर समागम का शुभारंभ किया। नीती-माणा जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष पूर्व ब्लाॅक प्रमुख हरीश परमार, माणा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा, लक्ष्मण फरकिया, सुप्या सिंह राणा के साथ ही समिति के पदा​धिकारियों ने वि​शिष्ठअति​थियों का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

जिला पंंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने बेडूबगड़ में जनजाति अतिथि गृह के निर्माण के लिए जिला पंचायत से 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। कहा कि इसका निर्माण भी इसी वित्तीय वर्ष में शुरू कर दिया जाएगा। समागम के मुख्य वक्ता प्रो. यूएस रावत ने कहा कि भोटिया जनजाति की संस्कृति और पहनावा देश-दुनिया में वि​शिष्ठ पहचान रखती है। उन्होंने सीमांत क्षेत्र के खनिज संपदा के संरक्षण पर जोर दिया। कहा कि हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण पर जोर नहीं दिया गया तो आने वाले समय में पानी की कमी सामने आएगी। उन्होंने नीती घाटी के जुआ ग्वाड़, पेंग, मुरंडा, द्रोणागिरी, सुगीभलागांव और टोलमा को सड़क से जोड़ने की बात कही।

इससे पूर्व ग्राम बिरही, बांपा, फरकिया, सुकीभलागांव के महिला मंगल दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।

कार्यक्रम में माणा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा, खेल समिति के अध्यक्ष यशवंत बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज रावत, हरेंद्र सिंह रावत, गुलाब सिंह बिष्ट, नरेंद्र सिंह रावत, रणजीत सिंह, लक्ष्मण सिंह फरकिया, ज्येष्ठ प्रमुख गुड्डी गरोड़िया, पूर्व सदस्य धीरेंद्र गरोड़िया, सुप्या सिंह राणा, नंदी राणा, जीडी हिंदवाल, धीरेंद्र गरोड़िया, रघुवीर कुंवर, पेड़ वाले गुरुजी धन सिंह घरिया, भगत सिंह खाती, पुष्कर सिंह राणा आदि मौजूद रहे। संचालन सुरेंद्र सिंह राणा ने किया।

शुक्रवार को जनजाति समाज के भविष्य की रणनीति पर प्रस्तुतिकरण के साथ ही महिला मंगल दल कोषा, लाता, मेरग, परसारी, ओथ हनुमान चट्टी, रैणी, सुभाई, जेलम और जुम्मा के महिला मंगल दलों की सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित। लोक गायक किशन महिपाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

Latest News

कार्रवाई: नशे में वाहन चलाना पड़ा अगस्त्यमुनि के युवा को भारी–

बिना डीएल और जरूरी दस्तावेजों के वाहन दौड़ा रहा चालक गिरफ्तार, वाहन सीज-- पोखरी (चमोली)। सड़क...

चमोली: पुलिस स्मृति दिवस पर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि–

पुलिस लाइन में पुष्पचक्र अर्पित कर दो मिनट का रखा मौन-- गोपेश्वर। राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर...

चमोली: दुर्गम गांवों में नुक्कड़ नाटकों से सरकारी योजनाओं की अलख–

अक्षत नाट्य संस्था के कलाकार लोकगीतों और नाटकों के जरिए ग्रामीणों को कर रहे जागरूक-- गोपेश्वर/देवाल।...

जय बदरीविशाल: 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद होंगे बदरीनाथ मंदिर के कपाट–

विजयदशमी पर घोषित हुई कपाट बंद होने की तिथि, 12 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं-- बदरीनाथ। विजयदशमी...

आस्था: 251 साल बाद नौ माह की बन्याथ यात्रा पर निकलीं मां चंडिका–

शरदोत्सव मेला मंच पर पहुंची देवी की यात्रा, भक्तों को दिया आशीर्वाद पोखरी (चमोली)। चमेठी गांव की मां...

चमोली: भाई की शादी में जा रही बहनों के गहने हुए गुम, पुलिस ने रात एक बजे बैग खोजकर जीता परिवार का दिल–

खुशियों भरे सफर में छा गई चिंता, गुम हो गए ​थे₹14 लाख के जेवर, पुलिस ने ढूंढकर दिए-- चमोली। शादी की...

चमोली: शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हुए रुद्रनाथ भगवान–

देवलधार के ज्वाला देवी मंदिर में भोग पूजा के बाद गोपेश्वर के गोपीना​थ मंदिर पहुंची डोली, अब छह माह...

चमोली: गौचर में 31 अक्टूबर से लगेगा तीन दिवसीय विशेष दिव्यांग शिविर, प्रचार रथ रवाना–

कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए होगा शिविर का आयोजन, 150 से अधिक दिव्यांगजनों का हुआ...

जय रुद्रेश: विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हुए रुद्रनाथ मंदिर के कपाट–

अन्नकूट, घी और श्वेत कंबल से स्वयंभू लिंग को दी समाधि, ​शिव भक्तों ने लगाए जयकारे-- गोपेश्वर, 17...
error: Content is protected !!