नई टिहरी। उत्तराखंड के नरेंद्रनगर ब्लॉक के विमाण गांव का राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी का शव जैसे ही गांव में पहुंचा, वहां कोहराम मच गया। ग्रामीण अपने लाडले के शव से लिपटकर बिलखते रोते रहे। शहीद की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बदहवास होने के बाद फिर जोर जोर से रोने लगते हैं। ग्रामीण महिलाएं उन्हें ढांढस बंधा रही हैं। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बृहस्पतिवार रात को विक्रम सिंह नेगी जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देश के लिए शहीद हो गया था। शनिवार को उसका शव गांव में पहुंचा। शहीद को 39 फील्ड रेजिमेंट के जवानों ने गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर सैनिक सम्मान के साथ विदा किया। उनके अंतिम संस्कार में लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा विक्रम तेरा नाम रहेगा, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। शहीद का शव शनिवार को शाम करीब पांच बजे गांव में पहुंचा। तिरंगे में लिपटे अपने लाल को देखकर पिता साब सिंह नेगी, मां बिरजा देवी, पत्नी पार्वती देवी और दादी रूकमा देवी फफक फफककर रोने लगे। वे शव से लिपट-लिपट कर रोने लगे। रिश्तेदार और गांव के लोग भी अपने लाड़ले के अंतिम दर्शन के लिए वहां पहुंचे। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने परिजनों को किसी तरह ढांढस बंधाया।
गमगीन माहौल-पंचतत्व में विलीन हुआ उत्तराखंड के लाल विक्रम सिंह नेगी का पार्थिव शरीर–
by laxmi Purohit | Oct 16, 2021 | नई टिहरी, शहादत | 0 comments

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