चारा प्रजाति का पौधरोपण वनाग्नि से वन सुरक्षा और जल संरक्षण के संवर्द्धन पर भी हुई बात–
पीपलकोटी(चमोली): बदरीनाथ वन प्रभाग की चमोली रेंज और रुद्र हिमालय जन जागृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में निजमुला घाटी में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का उद्देश्य क्षेत्र में वन संरक्षण, जल संरक्षण, भूमि सुधार और स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के उपायों पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम के दौरान घाटी के विभिन्न वन पंचायत क्षेत्रों धार कुमाला, पगना, दुर्मी, सैंजी, व्यारा और गाड़ी में माइक्रोप्लान के तहत चारा प्रजातियों के पौधरोपण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही वनाग्नि से जंगलों की सुरक्षा के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
गोष्ठी में जल संरक्षण और भूमि संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण और भूमि के सतत उपयोग से न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर आगामी पांच वर्षों के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। पंचवर्षीय योजना के तहत वन संरक्षण, पौधरोपण, जल प्रबंधन और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में ठोस कदम उठाने की रणनीति बनाई जाएगी।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान मंदोधरी देवी, सरपंच पुष्पा देवी, विजया देवी, सुनीता, तारेंद्र सिंह, प्रकाश सिंह, अनसूया सिंह, देवी सिंह, विजेंद्र सिंह सहित समिति के सदस्य वितिश नेगी, जितेंद्र स्नेही और मनीष नेगी समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए सहयोग करने का संकल्प लिया।


