जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से हटाया गया कर्मचारी, विभिन्न संगठनों ने भी उठाए सवाल–
गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ, 05 जुलाई 2026: बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच के बीच बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आरोपी कर्मचारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटा दिया है। समिति ने जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से उसे फिलहाल प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना की ड्यूटी से मुक्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार संबंधित कर्मचारी बदरीनाथ धाम में प्रोटोकॉल व्यवस्था और थाली भेंट गणना कार्य से जुड़ा हुआ था। मंदिर प्रशासन की दृष्टि से ये दोनों व्यवस्थाएं अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। प्रोटोकॉल व्यवस्था में पांच कर्मचारी तथा थाली भेंट गणना कार्य में छह कर्मचारी तैनात रहते हैं। आरोपी कर्मचारी को प्रोटोकॉल का नोडल अधिकारी भी बनाया गया था। बताया जा रहा है कि उसकी तैनाती पहले बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में थी और इस वर्ष उसे बदरीनाथ धाम भेजा गया था।
हाल ही में उस पर आर्थिक अनियमितता और चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि संबंधित कर्मचारी को प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इधर, मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। रविवार को ज्योतिर्मठ में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर कांग्रेस कमेटी ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जांच पूरी होने तक बीकेटीसी को भंग करने की मांग उठाई। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता कमल रतूड़ी ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम से जुड़े कई मामलों की जांच वर्षों से लंबित है और अब एक नया मामला सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मंदिर समिति को भंग किया जाना चाहिए।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश नेगी और ब्लॉक अध्यक्ष दिगंबर सिंह बिष्ट ने भी कहा कि पूर्व के मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों का भरोसा प्रभावित हुआ है। उन्होंने इस बार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराने की मांग की।
वहीं, ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के केंद्रीय अध्यक्ष उमेश सती ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि चढ़ावे में हेराफेरी जैसे आरोप न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को आहत करते हैं, बल्कि सनातन परंपराओं की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हैं। उन्होंने पुराने मामलों की जांच भी शीघ्र पूरी करने की मांग की है।

