अधिकारियों ने कहा- सड़क को खोलने में लग सकते हैं दस दिन, पर्यटक और ग्रामीण हुए परेशान– चमोली। पर्यटन क्षेत्र उर्गम घाटी को जोड़ने वाली हेलंग-उर्गम सड़क दूसरे दिन भी बाधित रही। जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ी। कई पर्यटक अपने वाहनों को घाटी में ही छोड़कर लौट गए हैं। ग्रामीणों और शिक्षकों ने भी सड़क बंद होने से लंबी दूरी पैदल नापी। शुक्रवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने इस संबंध में एडीबी के अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र सड़क को खोलने के लिए मौके पर मशीनें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एडीबी पीएमजीएसवाई के ईई बीएन गोदियाल ने बताया कि जिस स्थान पर सड़क ध्वस्त हुई है, यहां पहले से ही सड़क पर दरार पड़ी थी। यहां मशीनों को काम करने तक की जगह नहीं बची है। सड़क की हिल साइड की दीवार भी ध्वस्त हो गई है। शनिवार को रॉक ब्रेकर, कंप्रेशर, और पोकलैंड मशीन के जरिए वाहनों की निकासी के लिए वैकल्पिक सड़क तैयार की जाएगी, जिससे घाटी में फंसे वाहनों को निकाला जा सके। उन्होंने बताया कि सड़क को पूरी तरह से सुचारु करने में करीब दस दिन तक का समय लग जाएगा। प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप सिंह नेगी और पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि उर्गम घाटी के गांवों को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। आपदा से सड़क पहले से ही तहस-नहस पड़ी हुई थी, अब पावर हाउस के समीप 25 मीटर सड़क ध्वस्त होने से लोगों के सम्मुख आवाजाही की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। उर्गम घाटी में नए साल का जश्न मनाने के लिए कई पर्यटक पहुंचे हुए हैं। लेकिन पर्यटकों को सड़क बंद होने से वापस जाने की चिंता सता रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से शीघ्र सड़क को सुचारु करने की मांग की है।
उर्गम घाटी की लाइफ लाइन दूसरे दिन भी नहीं हो पाई सुचारु–
by laxmi Purohit | Dec 31, 2021 | चमोली, सड़क | 0 comments

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