चारों ओर से बर्फ से ढके इस तीर्थस्थल के दर्शनों को लालायित रहते हैं श्रद्घालु–
जोशीमठः उत्तराखंड के पांचवें धाम के रुप में विख्यात प्रसिद्घ श्री हेमकुंड साहिब के कपाट रविवार को सुबह दस बजे विधि-विधान से खोल दिए गए हैं। सुबह नौ बजे सचखंड साहिब गर्भगृह से गुरुग्रन्थ साहिब को पंच प्यारे की अगुवाई में बैंड धुनों में दरबार साहिब में लाया गया, सुबह 10:30 बजे सुखमणी साहब के पाठ के साथ ही सिख धर्म की आस्था के प्रमुख केन्द्र व दशम गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह महाराज जी के पूर्व जन्म की भक्ति के पावन पवित्र स्थान गुरुद्धारा श्री हेमकुंड साहिब व आस्था के प्रतीक लोकपाल(लक्ष्मण मंदिर) के कपाट विधि विधान के साथ आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गये। इस रोमांचक, साहसिक और धार्मिक यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं में बेहद उत्साह है।
आज कपाट खुलने के अवसर पर यहां पहुंचे तीर्थयात्रियों के जो बोले सो निहाल…..के जयकारों से हेमकुंड क्षेत्र गूंज उठा। सिख धर्म में यह पवित्र स्थान माना गया है। श्रद्घालु गुरु का संकल्प लेकर घरों से जलसों के रुप में यात्रा के लिए निकलते हैं। सप्तश्रृंग के दर्शन होते ही श्रद्धालु मत्था टेककर अपने गुरु को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। हेमकुंड पहुंचकर सर्वप्रथम सरोवर में स्नान किया जाता है।
उसके बाद गुरुद्धारे में पवित्र ग्रन्थ साहिब पर चढ़ावा चढ़ता है और गुरु की अरदास की जाती है। हेमकुंड साहिब की यात्रा मई-जून में प्रारम्भ होकर अक्टूबर तक चलती है। इस वर्ष सरकार द्वारा इस पवित्र धाम में आने वाले यात्रियों की संख्या को सीमित किया है। इस साल हर रोज 5 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर सकेगें। इस यात्रा में आने वाले सभी यात्री ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं और ये सभी के लिए अनिवार्य होगा।
चमोली जनपद पुलिस द्वारा श्री हेमकुंड साहिब आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं, साथ ही हेमकुंड साहिब मार्ग के मुख्य पड़ाव भ्युंडार एंव घाघरिया में एसडीआरएफ तैनात की गई है। हेमकुंड साहिब में शनिवार को हुई ताजी बर्फबारी के बाद बेहद खूबसूरत लग रहा है। यहां धूप खिलने के बाद उच्च उच्च हिमाच्छादित चोटियां मन को सुकून पहुंचा रही हैं।

